सचिवालय कूच करने पहुंचे कनिष्ठ अभियंता संविदा कर्मचारियों को गिरफ्तार कर ले जाती पुलिस।संवाद
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नियमितीकरण की मांग को लेकर पिछले एक माह से लगातार आंदोलन कर रहे संविदा पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों ने साल के अंतिम दिन जमकर हंगामा किया। पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों ने जहां सचिवालय कूच किया और रोके जाने पर धरने पर बैठे। जमकर हंगामा होने के साथ ही कई संविदा इंजीनियरों को हिरासत में लेकर सुद्धोवाला जेल ले जाया गया। हालांकि बाद में सभी को लिखापढ़ी के बाद मुचलके पर छोड़ दिया गया। वहीं दो संविदा इंजीनियर परेड मैदान स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए। इंजीनियरों के पानी की टंकी पर चढ़ने और हंगामा करने की जानकारी मिलते ही पुलिस -प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सिटी मजिस्ट्रेट कुष्म चौहान समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने पानी की टंकी पर चढ़े संविदा इंजीनियरों को उतारने की समझा-बुझाकर उतारने की लाख कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी।
इतना ही नहीं पुलिस- प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश पर जब कुछ पुलिसकर्मी पानी की टंकी पर चढ़ने की कोशिश की तो पुलिसकर्मियों और आंदोलनरत इंजीनियरों के भी धक्का-मुक्की होने के साथ ही जमकर नोकझोंक हुई। आखिरकार दो घंटे तक चले नाटकीय घटनाक्रम के बाद अपर सचिव पीडब्ल्यूडी एसएस वल्दिया ने संविदा इंजीनियरों के संगठन के पदाधिकारियों को वार्ता के लिए बुलाया। वार्ता के बाद अपर सचिव वल्दिया के इस आश्वासन पर कि मांगों के संबंध में जल्द ही सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। तब जाकर पानी की टंकी पर चढ़े संविदा इंजीनियरों को सकुशल नीचे उतारा जा सका। इस दौरान पानी की टंकी के पास भारी भीड़ जमा रही।
इससे पूर्व संविदा पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों ने सचिवालय कूच किया। लेकिन जैसे ही संविदा इंजीनियर सेंट जोसेफ स्कूल के पास पहुंचे तो पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश पर बेरीकेडिंग लगाकर पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। रोके जाने पर पीडब्ल्यू संविदा इंजीनियर मौके पर ही धरने पर बैठ गए और सरकार, शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश पर कई संविदा इंजीनियरों को हिरासत में लेकर सुद्धोवाला जेल ले जाया गया। जहां लिखापढ़ी करने के बाद उन्हें मुचलके पर छोड़ भी दिया गया। दूसरी ओर पीडब्ल्यूडी संविदा इंजीनियर संघ के अध्यक्ष सूरज डोभाल वा उपाध्यक्ष अक्षय तोमर का कहना है कि जब तक पीडब्ल्यूडी संविदा इंजीनियरों का नियमितीकरण करने के साथ ही उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किया जाता है। आंदोलन लगातार जारी रहेगा। दोनों पदाधिकारियों का कहना है कि पीडब्ल्यूडी संविदा इंजीनियर पिछले दो दशक से विभाग में लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं और महत्वपूर्ण योजनाओं को पूरा कराने में अपना योगदान दे रहे हैं। लेकिन सरकार, शासन स्तर पर उनके नियमितीकरण को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया जा रहा है जिसके चलते पीडब्लूडी इंजीनियरों में खासा आक्रोश है।