कई केंद्रीय संस्थान मिलकर करेंगे काम
इस प्रोजेक्ट के तहत वन विभाग के अलावा एफआरआई, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईआईआरएस, जीएसआई, एफएसआई जैसे महत्वपूर्ण संस्थान एक साथ मिलकर काम करेंगे। जरूरत पड़ने पर वायुसेना की भी मदद ली जाएगी। इससे पहले इन संस्थानों से जुड़े लोगों को वनाग्नि से संबंधित विशेष परीक्षण दिया जाएगा।
ये भी पढ़ें...Uttarakhand: बेटा न होने से गुस्साए पिता ने कर दी दो मासूम बेटियों की हत्या, दादी को इस हाल में मिली पोतियां
आपदाओं से निपटने के लिए एनडीएमए कई प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। फॉरेस्ट फॉयर मिटीगेशन प्रोजेक्ट भी इसी का एक हिस्सा है। संभवत: इस प्रोजेक्ट को अगले वनाग्निकाल से पहले लागू कर दिया जाएगा। - आईएफएस कुणाल सत्यार्थी, सलाहकार (नीति और योजना), राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण