देहरादून। राजधानी समेत पूरे राज्य में कोरोना की संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर राज्य सरकार, शासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पूरे राज्य के होटल संचालकों को भारी राहत देते हुए वित्तीय वर्ष 2021-22 के सहमति नवीनीकरण शुल्क को माफ कर दिया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के इस फैसले से पूरे राज्य में चार हजार से होटल संचालकों ने राहत की सांस ली है।
राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव एसपी सुबुद्धि की ओर से जारी किए गए आदेश के मुताबिक ऐसे होटल संचालक जिन्होंने सहमति नवीनीकरण शुल्क जमा करा दिया है। उनके द्वारा जमा कराए गए सहमति नवीनीकरण शुल्क का समायोजन अगले साल के शुल्क में कर दिया जाएगा।
सुबुद्धि ने बताया कि ऐसे होटल जो हरित और नारंगी श्रेणी में आते हैं उन तमाम होटलों का सहमति नवीनीकरण शुल्क को माफ करने का फैसला लिया गया है। राज्य में तीन सितारा होटलों को छोड़कर सौ कमरों से कम संख्या वाले तमाम होटलों का सहमति नवीनीकरण शुल्क माफ कर दिया गया है। कोरोना संकट के कारोबार नहीं होने से परेशान होटल संचालक एसोसिएशन के पदाधिकारियों व संचालकों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर सहमति नवीनीकरण शुल्क माफ किए जाने की मांग उठाई थी और मुख्यमंत्री के निर्देश पर सहमति नवीनीकरण शुल्क माफ करने का फैसला लिया गया है।
बता दें कि पिछले साल भी राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सहमति नवीनीकरण शुल्क माफ करने का फैसला लिया था। हालांकि, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के इस फैसले के बाद बोर्ड को औसतन पांच करोड़ रुपये सालाना वित्तीय नुकसान होगा। सुबुद्धि का कहना है कि कोरोना संक्रमण के चलते जिस तरीके से होटल संचालक गंभीर आर्थिक संकटों का सामना कर रहे हैं उनकी दिक्कतों को देखते हुए ही सहमति नवीनीकरण शुल्क माफ करने का फैसला लिया गया है।