कहा कि सबसे ज्यादा नुकसान टांगा, धापा, मल्ला जौहार, गैला, बसाड़ी, धूरातोला, कोटा पंद्रहपाला, दाखिमकुरूवा, धामीगांव, भ्यूला, बांसबगड़, गूठी, मुवानी, घरोड़ी, जोशा, मेतली, कनार, मनकोट, बताएमाउंट, मदरमा, बंगापानी, लुमती, मल्ला लुमती, मोरी, जाराजीबली, खुमती, कालिका, निंगालपानी, गलाती सहित कई अन्य हिस्सों में हुआ है। वहां पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश पंत, प्रदीप पाल, हिमांश ओझा सहित कई लोग मौजूद रहे।
चार सूत्रीय मांगों को पूर करने की मांग
- आपदा की दृष्टि से संवेदनशील और बेहद संवेदनशील गांवों को विस्थापित किया जाए।
- धारचूला, मुनस्यारी में आई आपदा के लिए आर्थिक पैकेज की घोषणा हो।
- आपदा प्रभावितों को उचित मुआवजा और प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए।
- आपदा में ध्वस्त योजनाओं को शीघ्र ठीक किया जाए।
विगत 27 जुलाई की रात आई भीषण आपदा ने बरम क्षेत्र के कनार गांव को अलग-थलग कर दिया है। गांव को जाने वाला 18 किलोमीटर पैदल रास्ता पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। गांव की जमीन अभी भी दरक रही है। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार से उन्हें शीघ्र सुरक्षित स्थान पर विस्थापित करने की गुहार लगाई है।
कनार गांव के लिए सड़क नहीं है। इस गांव तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को जंगल में 18 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। 27 जुलाई की रात आई भीषण आपदा ने इस रास्ते को भी क्षतिग्रस्त कर दिया है। अब गांव तक पहुंचने में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र भ्रमण के तहत कनार गांव पहुंचे प्रदेश के श्रम संविदा बोर्ड के अध्यक्ष शमशेर सत्याल के समक्ष ग्रामीणों ने पुनर्वास की मांग उठाई। ग्रामीणों ने कहा कि यहां पर भूस्खलन के कारण खतरा बना हुआ है।
गांव तक सड़क नहीं है, जो पैदल रास्ता था अब कुछ स्थानों पर उसका भी नामोनिशान नहीं है। इस अवसर पर केएमवीएन अध्यक्ष केदार जोशी, भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र वल्दिया, वरिष्ठ नेता महेंद्र लुंठी, जिला पंचायत सदस्य गंगोत्री दताल ने ग्रामीणों को शीघ्र समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। यहां पर ब्लाक प्रमुख धन सिंह धामी, जगदीश परिहार, गणेश चंद, प्रेम परिहार, चंद्रा सुमतियाल, कुशल सिंह, उमेश चंद, महिमन सिंह आदि मौजूद रहे।
दो सप्ताह बाद हुए बिजली के दर्शन
आपदा प्रभावित कनार गांव में पिछले दो सप्ताह से बिजली नहीं थी। इसके चलते ग्रामीणों को आपदा काल में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। बिजली नहीं होने से मोबाइल फोन भी बंद हो गए थे। जिला पंचायत सदस्य गंगोत्री दताल के प्रयास से आपूर्ति सुचारु हुई। पान सिंह, जसपाल सिंह, रतन सिंह, दिलीप सिंह, सुंदर सिंह, बाला सिंह, कुशल सिंह आदि ग्रामीणों ने जिला पंचायत सदस्य का आभार जताया।