कहने को तो प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण सड़क, लेकिन इस पर चलना खतरे से खाली नहीं। देहरादून-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग 58 और 72 पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे राहगीरों की यात्रा को कष्टकारी तो बना ही रहे हैं, मुख्यमंत्री हरीश रावत के समग्र विकास के संकल्प को मुंह भी चिढ़ा रहे हैं।
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इस सड़क से होते हुए राजधानी पहुंचना है तो करीब 100 से भी ज्यादा खतरों से होकर गुजरना होगा।
जगह-जगह गहरे गढ्ढे
देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग इन दिनों खस्ता हाल है। नेपाली फार्म से लेकर भानियावाला तक के कुछ हिस्से को छोड़ दें तो पूरी सड़क में कहीं भी 100 मीटर का ऐसा हिस्सा सुरक्षित नहीं है जहां गहरे गड्ढ़े न हों। इन गड्ढ़ों में फंसकर हर रोज दर्जनों वाहन दुर्घटनाग्रस्त होते रहते हैं।
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खास बात यह है कि मुख्यमंत्री हरीश रावत और राज्यपाल डॉ. अजीज कुरैशी समेत प्रदेश के सभी विशिष्ट और अतिविशिष्ट लोग इस सड़क से अक्सर गुजरते हैं इसके बाद भी इस सड़क के दिन नहीं उबर रहे हैं।
राहगीरों का कहना है कि आखिर कब इन गढ्ढों पर निजाम की नजर जाएगी और कब इस प्रमुख सड़क का कायाकल्प होगा। वाहन चालकों और सफर करने वालों के लिए बरसात के मौसम में परेशानी दोगुनी हो जाती है।
यहां हैं सबसे ज्यादा खराब स्थिति
देहरादून बाईपास मार्ग अजबपुर के पास, जोगीवाला, मोहकमपुर, लक्ष्मणसिद्व मंदिर केपास, भानियावाला, नेपाली फार्म, रायवाला, हरिपुर कलां केपास, आदि।
इनका है कहना
यह सही है कि दून-हरिद्वार हाईवे पर पिछले कुछ दिनों में गड्ढ़े काफी हो गए हैं। प्रदेश के सभी हाईवे को गड्ढ़ा मुक्त बनाना मुख्यमंत्री हरीश रावत की प्राथमिकता में है। इस सड़क को भी शीघ्र ही गड्ढामुक्त बनाया जाएगा।
-डा. संजय पालीवाल, उपाध्यक्ष प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना