दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश की नकल के लिए प्रार्थनापत्र देने के ठीक पंद्रहवें दिन एसडीएम सदर मोहन सिंह बर्निया ने नकरौंदा में कुबेर भूमि खरीद प्रकरण के संबंध में एक और रिपोर्ट डीएम को सौंप दी। लेकिन अभी यह तय नहीं है कि कोर्ट के आदेश की सत्यापित प्रति मिली कि नहीं।
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डीएम बीवीआरसी पुरुषोत्तम का कहना है कि अफसरों की बैठक में एसडीएम की रिपोर्ट और कागजात का अवलोकन किया जाएगा।
रिपोर्ट पर रहस्य
नकरौंदा प्रकरण में अभी भी यह रहस्य बरकरार है कि कुबेर प्लांटर्स ने खतौनी पर नाम चढ़ाए जाने के संबंध में हाईकोर्ट के आदेश की जो प्रति जिला प्रशासन को सौंपी थी, वह सही है कि नहीं।
नकरौंदा प्रकरण पर शुक्रवार को तीसरी रिपोर्ट सौंपी गई है। इसके पहले तत्कालीन एसडीएम रामजी शरण ने इस प्रकरण में रिपोर्ट दी थी। इसके बाद तत्कालीन एडीएम वित्त झरना कमठान की अगुवाई में गठित समिति ने रिपोर्ट दी थी।
जांच रिपोर्ट पर था विवाद
झरना कमठान के नेतृत्व वाली जांच समिति में एसडीएम मोहन सिंह बर्निया भी शामिल रहे हैं। लेकिन जांच रिपोर्ट पर विवाद पैदा हो जाने के बाद डीएम ने फिर जांच के आदेश किए थे और हाईकोर्ट के आदेश की सत्यापित प्रति लाने की जिम्मेदारी बर्निया को सौंपी थी।
दो दिन पहले तक बर्निया ने हाईकोर्ट के आदेश की सत्यापित प्रतिलिपि मिलने से इनकार किया था। डीएम ने बताया कि अफसरों की बैठक 25 दिसंबर को होगी।
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इसके साथ ही एक अंदेशा और जाहिर किया जा रहा है कि कुबेर प्लांटर्स ने नकरौंदा में जो प्लाटिंग की है उसमें ग्राम समाज की भूमि को भी बेच लिया है। जिला प्रशासन इसकी जांच करा रहा है।
नायब तहसीलदार की अगुवाई में दो बार टीम जांच के लिए मौके पर गई है। सूत्रों का कहना है कि जांच में गड़बड़ी मिली है।