प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा जा चुका है। इसके तहत केंद्र पोषित योजना के तहत इस वित्तीय वर्ष में 80 करोड़ रुपये केन्द्र सरकार ने आवंटित किए। इसी प्रकार उच्च न्यायालय में तथा सूचना प्रौद्योगिकी का विस्तार किया। एक टेक्निकल अधिकारी के सापेक्ष वर्तमान में 26 टेक्निकल अधिकारी तैनात किए।
सभी को सुचारू रूप से नि:शुल्क न्यायिक सेवा प्राप्त हो, इस उद्देश्य से सभी 13 जिलों में 13 सदस्य सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में नियुक्त किए। साथ ही सभी 13 जिलों में विशेष किशोर पुलिस इकाई की स्थापना की है। सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को दिए जाने वाली सुविधा के संबंध में नियमावली दिसंबर 2021 में अधिसूचित कर दी गई। राज्य में दो वाणिज्यिक न्यायालय शुरू कर दिए गए हैं।
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शीघ्र ही राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का भी संचालन प्रारंभ कर दिया जाएगा। वृद्ध, बीमार एवं न्यायालय आने में असमर्थ व्यक्तियों की गवाही अंकित करने के लिए उत्तराखंड के 13 जिलों में 13 मोबाइल न्यायालय वैन की सुविधा प्रारंभ की गई है। जिससे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गवाही अंकित की जा रही है।