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चंपावत उपचुनाव: सीएम धामी ने दाखिल किया नामांकन, लोगों से किया विकास का वादा, कहा- हमेशा आपके साथ खड़ा रहूंगा

Wed, 11 May 2022 12:14 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, चंपावत

सार

उत्तराखंड में चंपावत उपचुनाव सियासी केंद्र बना हुआ है। आज पार्टी के तमाम दिग्गजों के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नामांकन कराया। चंपावत में 31 मई को उपचुनाव होना है और तीन जून को नतीजा आएगा। सीएम के सामने कांग्रेस ने महिला प्रत्याशी निर्मला गहतोड़ी को मैदान में उतारा है। बता दें, कि धामी को सीएम की कुर्सी पर बने रहने के लिए उपचुनाव जीतना जरूरी है। वह खटीमा से विधानसभा चुनाव हार गए थे।
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सीएम पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कैलाश गहतोड़ी के इस्तीफे से खाली हुई चंपावत विधानसभा सीट के लिए हो रहे उपचुनाव के लिए पहला नामांकन सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दाखिल किया। सोमवार दोपहर 12:29 बजे तहसील परिसर में निर्वाचन अधिकारी हिमांशु कफल्टिया के सम्मुख सीएम ने चार सेटों में नामांकन पत्र भरा। 

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पहले सेट के प्रस्तावक प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य श्याम नारायण पांडेय, दूसरे सेट में पूर्व जिलाध्यक्ष हरिप्रिया जोशी उर्फ हेमा जोशी, तीसरे सेट में पूर्व जिला पंचायत सदस्य मुकेश महराना और चौथे नामांकन सेट के प्रस्ताव सेवानिवृत्त कैप्टन भानी चंद थे। नामांकन पत्र जमा कराने से पहले सीएम ने तहसील परिसर के भीतर स्थित मंदिर में पूजा-अर्चना की।

बनबसा से कार से कई जगह रुकते हुए मुख्यमंत्री धामी खेतीखान सड़क होकर तहसील परिसर पहुंचे। बाद में चंपावत मोटर स्टेशन में हुई जनसभा में मुख्यमंत्री धामी ने कुमाऊंनी में भाषण देते हुए कहा कि मैं आपका बेटा हूं। आपने मेरा ख्याल रखना है। मैं आपके हर सुख-दुख में काम आऊंगा। जनसभा में केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट, प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम, सह प्रभारी रेखा वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, पार्टी के सभी सांसद, सात मंत्री मौजूद रहे। 

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2.29 करोड़ संपत्ति के मालिक और 47.83 लाख रुपये के बैंक कर्जदार हैं धामी

नामांकन पत्र के समय जमा शपथ पत्र के मुताबिक मुख्यमंत्री की कुल संपत्ति की कीमत करीब 2.29 करोड़, पत्नी गीता धामी की संपत्ति करीब 47.63 लाख रुपये और बेटे दिवाकर धामी की संपत्ति 2.36 लाख और प्रभाकर धामी की संपत्ति 2.42 लाख रुपये है। सीएम पर 47.83 लाख रुपये का कर्ज भी है। उनके खिलाफ कोई मुकदमा नहीं है। मुख्यमंत्री के पास डेढ़ लाख रुपये मूल्य की राइफल भी है।
 

संपत्ति का विवरण
-मुख्यमंत्री के पास नकदी 42310 रुपये और पत्नी के पास नकदी 40100 रुपये।
-मुख्यमंत्री के बचत खाते में 2.07 करोड़ रुपये, पत्नी के खाते में 2.06 लाख, बेटे दिवाकर के खाते में 4.32 लाख और प्रभाकर धामी के खाते में 4.32 लाख रुपये हैं।
-सीएम के पास 1.60 लाख की एनएससी भी है।
-सीएम की 1.65 लाख की एलआईसी पॉलिसी, पत्नी की एलआईसी 6.22 लाख, मैक्स बीमा 10.68 लाख रुपये और दोनों बेटों की 1.93 लाख,1.93 लाख की बीमा पॉलिसी है।
-सीएम धामी के पास 50 ग्राम सोने के जेवर, पत्नी के पास 120 ग्राम सोना और 600 ग्राम चांदी के जेवर हैं।
-नगला तराई में 1.829 एकड़ जमीन के अलावा देहरादून के डिफेंस कॉलोनी में 6501 वर्ग फुट जमीन पर बना मकान है जिसकी वर्तमान कीमत 1.82 करोड़ रुपये है।

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धामी के समर्थन में जुटा पूरा मंत्रिमंडल और संगठन

ये नए चंपावत का आगाज है, सत्ता पक्ष ने सोमवार को यहां यही बताने की कोशिश की। प्रदेश की राजधानी देहरादून जैसे हाल नौ मई को नेपाल सीमा से लगे पिछड़े जिले चंपावत के थे।  प्रदेश के एक मंत्री सतपाल महाराज को छोड़ मुख्यमंत्री के अलावा छह मंत्री चंपावत में थे। केंद्रीय मंत्रिपरिषद में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाले इकलौते मंत्री अजय भट्ट सहित पांच में से लोकसभा के चार सदस्य भी चंपावत में थे। उत्तराखंड के भाजपा प्रभारी राज्यसभा सदस्य दुष्यंत कुमार गौतम से लेकर दो पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत और डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक भी नामांकन में मौजूद थे। प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक सहित 11 से ज्यादा विधायक और पूर्व विधायक तो थे ही।

चुनाव जीतना ही पहला और आखिरी विकल्प

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने पांच साल मुख्यमंत्री बने रहने के लिए चुनाव जीतना ही पहला और आखिरी विकल्प है। साथ ही उन पर अब तक उपचुनाव जीते मुख्यमंत्रियों के वोटों के अंतर का रिकॉर्ड तोड़ने की चुनौती का दबाव भी रहेगा। उत्तराखंड में मुख्यमंत्रियों के उपचुनाव का इतिहास जीत का रहा है। सबसे अधिक वोटों के अंतर से उपचुनाव जीतने का रिकॉर्ड मुख्यमंत्री के तौर पर विजय बहुगुणा का है। 2002 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एनडी तिवारी ने रामनगर विस से चुनाव  जीता था। उन्होंने भाजपा के राम सिंह को 9693 वोटों के अंतर से हराया था।

101 दिन बाद फिर नामांकन 

नामांकन के वक्त उत्तराखंड के भाजपा प्रभारी और सांसद दुष्यंत कुमार गौतम, प्रदेश सह प्रभारी, सांसद रेखा वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, महामंत्री संगठन अजय कुमार, प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार, विधानसभा चुनाव प्रभारी कैलाश शर्मा, प्रदेश मंत्री किरन देवी के साथ ही धामी सरकार के मंत्री चंदन राम दास, धन सिंह रावत, सुबोध उनियाल, गणेश जोशी, प्रेम चंद्र अग्रवाल, सौरभ बहुगुणा, रेखा आर्या मौजूद थे। इनके अलावा सांसदों में अजय टम्टा, तीरथ सिंह रावत, रमेश पोखरियाल, विधायकों में डीडीहाट के बिशन सिंह चुफाल, रुद्रपुर के शिव अरोड़ा, गदरपुर के अरविंद पांडेय, गंगोलीहाट के फकीर राम, कपकोट के सुरेश गड़िया, जागेश्वर के मोहन महरा, भीमताल के राम सिंह कैड़ा, देवप्रयाग के विनोद कंडारी, काशीपुर के त्रिलोक सिंह चीमा, चकराता के विधायक मुन्ना सिंह चौहान के अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति राय, पूर्व विधायक सौरभ शुक्ला, पूरन फर्त्याल, प्रदेश मंत्री किरन देवी आदि भी मौजूद रहे। 27 जनवरी और नौ मई में वैसे तो कोई साम्य नहीं है लेकिन राजनीति के मैदान में ये दो तारीख एक नेता के लिए खास हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नौ मई को फिर से चुनाव के मैदान में हैं। 101 दिन बाद उन्होंने विधानसभा सीट के लिए फिर से नामांकन पत्र भरा है। मुख्यमंत्री ने नौ मई को चंपावत सीट पर हो रहे उपचुनाव के लिए पर्चा दाखिल किया है। इससे पहले 27 जनवरी को उन्होंने खटीमा सीट से नामांकन भरा था। तब उस चुनाव में सीएम धामी कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष भुवन कापड़ी से चुनाव हार गए थे।

सेल्फी खिंचवाने की मची होड़

विधानसभा उपचुनाव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नामांकन के दौरान कार्यकर्ताओं में मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी खिंचवाने की होड़ मची रही। उप चुनाव के नामांकन को मुख्यमंत्री के निर्धारित समय से पहले चंपावत पहुंचने पर कार्यकर्ता जोश से लबरेज हो गए। उन्होंने तहसील परिसर में बनाए गए नामांकन केंद्र में पहुंचते ही सीएम धामी पर फूल बरसाए। गोल्ज्यू मंदिर में दर्शन के बाद खुले वाहन से जनसभा स्थल पहुंचने तक सीएम का वाहन फूलों और मालाओं से भर गया। संवाद
 
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छोलिया नृत्य और ढोल दमाऊं से किया स्वागत

सीएम धामी का स्वागत छोलिया नर्तकों के नृत्य और ढोल दमाऊं बजाकर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस दौरान भाजपा के उत्साही कार्यकर्ता चंपावत ने ठानी है अपना सीएम धामी है, पुष्कर सिंह धामी जिंदाबाद आदि के नारे लगाते रहे। कार्यकर्ताओं ने सड़क के दोनों ओर खड़े होकर मुख्यमंत्री धामी और पूर्व विधायक कैलाश गहतोड़ी का अभिवादन किया। 

सीएम के जनसभा स्थल में पहुंचने पर की गई शंख ध्वनि

चंपावत। नामांकन प्रक्रिया पूरी करने के बाद सीएम धामी ने सबसे पहले गोल्ज्यू मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद लिया। उसके बाद समर्थकों के काफिले के साथ मोटर स्टेशन में बने जनसभा स्थल में पहुंचने पर सीएम का स्वागत शंख ध्वनि के साथ किया गया। इस दौरान देहरादून से आए सीएम के कुल पुरोहित चंद्रशेखर जोशी और बागनाथ धाम बागेश्वर से आए पीतांबर भट्ट आदि ने शंख ध्वनि और तुतुरी बजाकर सीएम का स्वागत किया।

नामांकन के दौरान बारिश होने को बताया शुभ संकेत

चंपावत। उपचुनाव के लिए पहला नामांकन दर्ज कराने का रिकॉर्ड सीएम धामी के नाम रहा। ठीक नामांकन पत्र जमा करने के दौरान बारिश हो गई। भाजपा जिलाध्यक्ष दीप चंद्र पाठक के अनुसार किसी भी शुभ कार्य के दौरान बारिश का होना शुभ माना जाता है। इसलिए मुख्यमंत्री के उपचुनाव के नामांकन के दौरान बारिश होना भी शुभ संकेत है।
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