सीएम हरीश रावत ने मंथन शिविर के समापन के बाद बुधवार रात करीब 10:15 बजे एसटीएच में छापा मारा। छापा पड़ते ही अस्पताल में खलबली मच गई। छापे में उनको कई अव्यवस्थाएं मिलीं। सीएम ने माना कि एसटीएच की हालत जिला अस्पतालों से भी बदतर है।
मेडिसिन विभाग से की निरीक्षण की शुरुआत
सीएम ने मेडिसिन विभाग से निरीक्षण की शुरुआत की। यहां पर रमेश चंद्र तिवारी की पत्नी भर्ती थीं। तिवारी ने बताया कि वह बीपीएल श्रेणी से हैं, इसके बाद भी डाक्टरों ने 15 दिनों में करीब छह हजार की दवाएं बाहर से खरीदवाईं। यहीं पर उन्होंने भर्ती नाला नामक मरीज का हालचाल पूछा।
बिंदुखत्ता महिला कांग्रेस की ब्लाक अध्यक्ष ममता भट्ट ने बताया कि उनके पति को करीब 14 साल से टीबी है, वह शासन से इलाज को आर्थिक मदद मांग चुकी है, जो अभी तक नहीं मिली है। सीएम ने जल्द ही इलाज की राशि जारी कराने का आश्वासन ममता भट्ट को दिया।
इसके बाद सीएम ने अस्पताल की सफाई व्यवस्था जांची। पुरुष शौचालय बंद होने का कारण पूछा तो किसी भी संबंधित अधिकारी से जवाब देते नहीं बना। इसके अलावा महिला टायलेट बेहद गंदा मिला। रैंप में भी अंधेरा था। बेडों पर गद्दे फटे हुए और चादर गंदी भी मिली। उन्होंने इलाज, सफाई में लापरवाही को लेकर नाराजगी जताई।
कहा कि भवन खंडहर जैसा लग रहा है। उन्होंने एमएस को मेंटीनेंस ठीक रखने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि किसी भी हाल में प्रति माह 12 प्रतिशत से ज्यादा केस रेफर न हों। आधुनिक शिकायत व्यवस्था लागू की जाए, ताकि अस्पताल की अव्यवस्था के बारे में प्रबंधन और शासन को खुद-ब-खुद पता चल जाए।
चिकित्सा शिक्षा विभाग के निदेशक डा. आरपी भट्ट ने बताया कि अस्पतालों में हर तरह की दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सीएम ने डा. भट्ट को निर्देश दिए कि डीएम के साथ बैठकर अस्पताल में जो कमियां हैं उसकी लिस्ट बनाकर भेजें। मुख्यमंत्री ने कहा कि दो माह बाद फिर निरीक्षण करने पर व्यवस्थाओं में परिवर्तन दिखाई पड़ना चाहिए।
डाक्टरों ने भी रखी समस्याएं
प्रोफेसर डा. आरजी नौटियाल ने डाक्टरों और कर्मियों की मांग और समस्याओं को सीएम के सामने रखा। उन्होंने बताया कि अस्पताल में 200 स्टाफ नर्स और टेक्नीशियनों की कमी है।
ईपीएफ, जीपीएफ नहीं कट रहा, सरकारीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। सीएम ने आश्वस्त किया कि मांग को जल्द पूरा किया जाएगा। एसटीएच के एमएस डा. एके पांडे ने सीएम को बताया कि अस्पताल में क्लीनिकल विभाग में 40 डाक्टर हैं। मेडिकल कालेज में डाक्टरों की भी कमी है।
सीएम के निर्देश और आश्वासन
- एसटीएच के प्रसूति विभाग में 100 बेड नए बनाए जाएंगे जो कि पहाड़ से आने वाली महिला रोगियों के लिए आरक्षित होंगे।
- वार्डों की स्थिति में सुधार किया जाएगा।
- माइक्रोबायलॉजी, कम्युनिटी मेडिसिन विभाग का विस्तार होगा।
- एम्स के बराबर यहां के भी डाक्टरों को मिलेगा वेतनमान।
- मेडिकल कालेज के गर्ल्स हास्टल का विस्तार किया जाएगा।
- एसटीएच में कैथ लैब (हृदय रोग) के लिए मुख्य सचिव ने सिफारिश की है, सीएम ने कहा कि मामले को बिना कैबिनेट में लाए हरी झंडी दी जाएगी।