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नए साल पर सड़क पर उतरे सीएम रावत

Fri, 02 Jan 2015 09:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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सरकारी कार्यशैली से खिन्न लोगों के लिए नया साल अच्छे संकेत लेकर आया है। मुख्यमंत्री हरीश रावत से अपनी तकलीफ बताने का मौका मिला। बधाई देने के बहाने मुख्यमंत्री सुबह 9.45 बजे अचानक कलक्ट्रेट पहुंच गए थे। पूरा परिसर घूम कर मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को अच्छे कार्य के लिए हौसला बढ़ाया तो कहीं समझाया भी। कमियां देखीं तो तमतमाए भी। उनके बिना बताए आने से यहां हड़कंप की स्थिति रही।
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मुख्यमंत्री हरीश रावत ने नए साल पर बधाई भ्रमण की शुरुआत जनाधार केंद्र से की। यहां दो मिनट कर्मचारियों से कामकाज के संबंध में पूछने के बाद जिलाधिकारी के कमरे में पहुंच गए। इसके बाद वह एडीएम के यहां से होते शहीद स्थल पर आए।

यहां शहीद हुए राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी। फिर लोक सूचना विभाग पहुंचे। यहां से एसडीएम सदर, नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय होते हुए जिलाधिकारी संयुक्त कार्यालय पहुंचे।
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कागजात ठीक ढंग से रखें
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी संयुक्त कार्यालय में अलमारियों में ठुंसे कागजात देखे तो रुक गए। बोले-इनका ढंग से रख-रखाव कीजिये।

कहां, असलहों के लाइसेंस न लटकाएं

संयुक्त कार्यालय में दाईं तरफ मुख्यमंत्री असलहा बाबू के कमरे में पहुंच गए। बोले- शस्त्र लाइसेंस का क्या हाल है। लाइसेंस बन रहे हैं कि नहीं? कितने आवेदन लंबित पड़े हैं? इनको जल्दी निपटाइये। यहां डाले मत रखिए।

समय से कार्यालय आएं
संयुक्त कार्यालय से निकलकर रिकार्ड कक्ष पहुंचे। कर्मचारियों से पूछा की अधिकारी कहां हैं? जवाब मिला कि दस्तखत करने गई हैं। फिर मुख्यमंत्री सीढ़ियां चढ़कर जिला आबकारी अधिकारी के दफ्तर पहुंच गए। पूछा-आप लोग कितने बजे यहां आते हैं। समय से दफ्तर आया करिए।

जिलाधिकारी चंद्रेश कुमार यादव से कहा कि कर्मचारियों का समय से दफ्तर आना सुनिश्चित कीजिये। आगे मनोरंजन कर विभाग का दफ्तर देखा। कुछ लोग मौजूद नहीं थे। कुछ देर में भाग कर आए तो सफाई दी कि दो कार्यालयों का कार्यभार है, इससे देर हुई।

योजना की जानकारी तो है न?

इसके बाद मुख्यमंत्री राष्ट्रीय सूचना केंद्र पहुंच गए। मौजूद कर्मचारी से बोले आई फोन से किसी बीडीओ से बात कराओ। कालसी के क्षेत्र विकास अधिकारी बीपी खंडूड़ी को फोन मिलाया गया तो पूछा-‘नए साल में क्या नया काम हो रहा है।’

बीडीओ ‘मेरा गांव मेरी सड़क योजना’ के तहत काम बताने लगे। इस पर मुख्यमंत्री बोले कि योजना के बारे में जानकारी है न? इसमें क्षेत्र के विधायक का भी सहयोग लें। अधिक से अधिक गांवों को लाभान्वित करें।

बुजुर्गों के लिए नया काउंटर खुलेगा
आपदा नियंत्रण कक्ष होते हुए रावत सब रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री को अचानक अपने बीच देख लोगों ने शिकायत की कि सब रजिस्ट्रार कार्यालय से तहसील रजिस्ट्री के कागजात नहीं भेजे जाते। पता ही नहीं चलता उनके क्षेत्र की रजिस्ट्री कहां होगी।

इस पर मुख्यमंत्री ने मौजावार सूची टांगने के निर्देश दिए। इसके साथ ही कहा कि बुजुर्गों के लिए अलग से काउंटर खोला जाए जिससे उन्हें परेशानी न हो। ‘म्यूटेशन’ की प्रक्रिया सरल हो और आवेदक को इसकी पूरी जानकारी दी जाए। लोगों ने यह भी कहा कि ऑन लाइन रजिस्ट्री से दिक्कत हो रही है।
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चाय की चुस्की ली, बालूशाही खाई

जिला सैनिक कल्याण पहुंचकर मुख्यमंत्री ने कार्यालय की स्थिति देखी। फिर वहां बैठे अधिकारियों से पूछा कैसा कामकाज चल रहा है। इस पर अधिकारी ने कहा कि जो समस्याएं आती हैं उन्हें जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पास भेज देते हैं। इस पर बोले कि उनका ‘फालोअप’ भी करते रहिए।

बार एसोसिएशन भी पहुंचे
अधिवक्ताओं को नव वर्ष की बधाई देते हुए मुख्यमंत्री बार एसोसिएशन के हाल में पहुंचे। एक अधिवक्ता को अपने पास बैठा लिया। तभी अन्य अधिवक्ता बोले कि राजस्व अधिकारी दफ्तर में नहीं मिलते। वह पूरी शिकायत कह पाते कि मुख्यमंत्री उठ कर बाहर आ गए। कार में बैठे और चल दिए।

पी चाय
मुख्यमंत्री का काफिला कलक्ट्रेट से निकलकर सीधा बल्लूपुर चौक पहुंचा। यहां ट्रैफिक लाइट के पास मुख्यमंत्री उतर गए। एक नजर फ्लाई ओवर पर मारी और गोपाल शर्मा की चाय की दुकान पर बैठ गए। काली चाय और बिस्कुट खाया। फिर बालूशाही भी खाई। लोग अपनी समस्याएं बताने लगे तो गौर से सुना और फिर लौट गए।
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