सीएम हरीश रावत ने तीन दिन पहले दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी के साथ हुई मुलाकात का ब्योरा मीडिया के सामने रखा। उन्होंने कहा कि नीति आयोग की बैठक से अलग पीएम से उनकी मुलाकात हुई। इस दौरान तीन मुद्दों पर बातचीत की गई।
इन मुद्दों पर हुई बात
विशेष श्रेणी राज्य का दर्जा: सीएम ने पीएम के सामने उत्तराखंड का विशेष श्रेणी राज्य का दर्जा बरकरार रखने की मांग की। सीएम ने कहा कि योजना आयोग ने अध्ययन करने के बाद ही यह दर्जा दिया था। इस मामले में उत्तराखंड को सेंट्रल हिमालयी राज्यों से अलग देखा जाना ठीक नहीं है। क्योंकि राज्य के पास इतने संसाधन नहीं हैं कि अपने बल पर सारा विकास कर सकें।
पुराने स्टाइल में हो फंडिंग पैटर्न: सीएम ने पीएम से कहा कि केंद्र के एक आर्थिक सर्वे में यह बात स्पष्ट हो चुकी है कि राज्य को अभी तक 1600 करोड़ का नुकसान हो चुका है। और यह वर्ष खत्म होते-होते नुकसान का आंकड़ा 2400 करोड़ पहुंच जाएगा। सेंट्रल टैक्स में 42 प्रतिशत भागीदारी कर जो लाभ दिया, उससे ज्यादा नुकसान नए फंडिंग पैटर्न से हो गया।
प्राकृतिक संसाधनों के बदले मिले बोनस: सीएम ने यह बात भी रखी कि राज्य के पास प्राकृतिक संसाधन हैं, जिनका दोहन नहीं हो सकता और जिनसे पूरे देश को एनर्जी मिलती है, लेकिन उत्तराखंड को कुछ नहीं मिलता। इसलिए ग्रीन बोनस या किसी दूसरे नाम से धनराशि दी जानी चाहिए।