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पढ़िए, उत्तराखंड के सीएम ने पीएम मोदी से क्या मांगा?

Mon, 08 Sep 2014 08:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोमवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर प्रदेश से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से बातचीत कर सहायता और मांगों की लंबी फेहरिस्त थमाई है।
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इसमें नई मांगों के साथ तमाम पुरानी धनराशि की भी मांग की गई गया है। सीएम ने पूर्वोत्तर राज्यों की तर्ज पर ही 90:10 के अनुपात में योजनाओं को सहायता देने की मांग की है।

सीएम ने केदारनाथधाम के विकास, गैरसैंण को ग्रीष्म कालीन राजधानी बनाने, कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्गों के विकास और 2016 में हरिद्वार में होने वाले अर्धकुंभ के लिए विशेष पैकेज की मांग की है।
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बाढ़ नियंत्रण के कार्य आवश्यक

सीएम ने पीएम को जानकारी दी कि आपदा के दौरान रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड होते हुए केदारनाथ के मार्ग बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हैं। प्रदेश सरकार इन मार्गो को यात्रा के लिए ठीक कर खोल दिया गया है।

भविष्य में गुप्तकाशी से केदारनाथ धाम के लिए विकल्प के रूप में 2 स्थानों पर सुरंग के रास्ते बनाने की आवश्कता है।

सीएम ने बताया कि आपदा से उत्तरकाशी नगर के आसपास का 10 किलोमीटर का क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील बना हुआ है।

भागीरथी नदी के दोनों ओर स्लोप स्टेबलाइजेशन एवं बाढ़ नियंत्रण के कार्य आवश्यक हैं। सीएम ने पिथौरागढ़ जनपद में गौरीगंगा एवं धौलीगंगा नदियों के किनारे बसे हुए कस्बे मदकोट, बंगापानी, जौलजीबी, धारचूला, तवाधाट, आदि  क्षेत्र की अति संवेदनशीलता की जानकारी दी।

2016 अर्द्धकुंभ के लिए एक हजार करोड़ मांगे

सीएम ने बताया कि 2016 में हरिद्वार में होने वाले अर्द्धकुम्भ मेले में लगभग 5 करोड़ श्रद्धालु प्रवासित होंगे। मेला क्षेत्र में हरिद्वार, देहरादून, टिहरी गढ़वाल तथा जनपद पौड़ी गढ़वाल शामिल होते हैं। 2013 की आपदा में मेला क्षेत्र के अधिकांश अवस्थापना परिसम्पत्तियां क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।

राज्य सरकार का अनुरोध है कि इस संबंध में केंद्र सरकार एक हजार करोड़ रुपये की एकमुश्त धनराशि प्रदेश सरकार को स्वीकृत करें और यह प्रदेश सरकार के विवेक एवं निवर्तन पर छोड़ दिया जाए कि वह मेला प्रबन्धन एवं मेला प्रबन्धन के लिए सम्पत्तियों के सृजन में इस धनराशि के उपभोग पर निर्णय लें। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र के साथ समस्त विभागों अन्तर्गत होने वाले स्थाई/अस्थाई कार्यों का आंकलन भी संलग्न किया है।

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सीएम ने पीएम से ये की मांग

- रुद्रप्रयाग-सोनप्रयाग-गौरीकुंड-लिंचोली पुनर्निमार्ण/पुनर्वास के लिए लगभग 1000 करोड़ रुपए देने का अनुरोध किया है।
- जोशीमठ-लामबगड़-बदरीनाथ धाम में पुनर्निर्माण एवं घांधरिया से हेमकुंड साहिब एवं फूलों की घाटी का मार्ग सुगम बनाने के लिए रज्जू मार्ग निर्माण की परिकल्पना है। जिसके लिए पांच सौ करोड़ रुपये के पैकेज की आवश्यकता है।
- उत्तरकाशी-हर्सिल-गंगोत्री-गौमुख के पुनर्निर्माण सहित 500 करोड़ रुपये की आवश्यकता है।
- कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्गों के सात पड़ावों के विकास के लिए कुल 1000 करोड़ रुपये के एक विषेष पैकेज का अनुरोध किया।
- गैरसैंण से जुड़ी योजनाओं व निर्माण के लिए केंद्र से 250 करोड़ रुपये का विषेष पैकेज स्वीकृत किया जाए।
- एसपीए स्पेशल प्लान अस्सिटेंस  के अन्तर्गत केंद्र से मिलने वाली 350 करोड़ की धनराशि शीघ्र अवमुक्त करें।
- आपदा प्रभावित क्षेत्रों की परिसम्पत्तियों के पुनर्निर्माण तथा आपदाग्रस्त प्रभावितों को विशेष अनुग्रह सहायता के लिए स्वीकृत सौ करोड़ अनटाइड निधि शीघ्रातिशीघ्र अवमुक्त करने का भी अनुरोध किया।
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