धारे बचेंगे तो नदियां बचेंगी: भारती
पानी राखो आंदोलन के प्रणेता डॉ. सच्चिदानंद भारती ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में जल तलैया बनाने तथा धारे नालो के पुनर्जीवीकरण के लिये सरल व टिकाऊ तकनीक पर ध्यान दिया जाए, उनका कहना था कि धारे बचेंगे तो नदियां भी बचेंगी।
ग्राम पंचायतों को दे जिम्मेदारी: बिष्ट
पर्यावरणविद राजेन्द्र सिंह बिष्ट ने सुझाव दिया कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग, पानी के स्त्रोतों का चिन्हीकरण तथा जल संरक्षण के लिये ग्राम पंचायतों को जिम्मेदारी दी जाए।
इन विशेषज्ञों ने भी दिए सुझाव
हेस्को के डॉ. विनोद खाती इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ वाटर मैनेजमेंट भुवनेश्वर के डॉ. अशोक नायक, रिमोट सेंसिंग के डॉ प्रवीन, सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड के निदेशक डॉ. प्रशांत राय समेत कई अन्य विशेषज्ञ उपस्थित थे।