मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने केदारधाम के मामले में नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि यह बहुत संवेदनशील मामला है और नेता प्रतिपक्ष लोगों की भावनाएं भड़काने का काम कर रहे हैं। सरकार ने इस बात से कभी इंकार नहीं किया कि वहां पर मलबे में लाशें नहीं दबी हैं।
लेकिन पहले तो मलबा हटाने के लिए जीएसआई ने मना किया है और मलबा इतना कठोर हो चुका है कि उसे मशीनों से ही हटाया जा सकता है। और, दूसरी तरफ नेता प्रतिपक्ष राजनीति कर रहे, वहां पर मलबे के नीचे से लाशों के फोटों खींचकर बांट रहे हैं। ऐसी गिरी हुई राजनीति नहीं होनी चाहिए।
उधर, नेता प्रतिपक्ष ने भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सरकार बताए कि जीएसआई की रिपोर्ट अभी तक क्यों नहीं मिली। और, जो शव आधे से ज्यादा ऊपर हैं उन्हें क्यों नहीं निकाला जा रहा है। सरकार इस मामले में इतनी असंवेदनशील हो गई है कि उसे वहां पर कीड़े पड़ी सड़ रही लाशों से भी कोई वास्ता नहीं रहा।
यदि सरकार यह काम भी नहीं कर सकती तो फिर सत्ता में रहने का क्या हक है। और, यदि मैं केदारनाथ में लाशें ढूंढ रहा हूं तो मेरे साथ सीएम केदारनाथ चले, यदि मलबे के ऊपर लाश नहीं मिलीं तो मैं राजनीति से सन्यास ले लूंगा(