उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में बारिश ने जमकर तबाही मचाई है।
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राज्य में मानसून ने दस्तक देने के साथ ही भारी तबाही मचा दी है। राज्य के विभिन्न इलाकों खासकर पिथौरागढ़ और चमोली में गुरूवार-शुक्रवार की रात में हुई भारी बारिश के चलते जहां अलग अलग इलाकों में 15 लोगों की मौत हो गई, वहीं 21 लोग लापता बताए जा रहे हैं।
पिथौरागढ़ के बस्तड़ी में शुक्रवार देर रात तक सेना और अर्धसैनिक बलों द्वारा चलाए गए रेस्क्यू में आठ लोगों के शव निकाले गए थे। शनिवार सुबह फिर रेस्क्यू शुरू किया गया। हालिया सूचना मिलने तक शनिवार को चार और लोगों के शव मलबे से निकाले गए हैं। वहीं चमोली में बादल फटने से तीन लोगों के शव बरामद हुए हैं जबकि लापता छह लोगों का आज भी पता नहीं चला।
वहीं बस्तड़ी में आई आपदा में मारे गए लोगों के शवों के अंतिम संस्कार का इंतजाम न होने से गुस्साए लोगों ने शवों को सड़क पर रख दिया। इसके बाद डीएम ने अंतिम संस्कार के लिए इंतजाम कराया।
आफत के बाद लापता लोगों की खोजबीन और राहत कार्यों के लिए सेना के साथ साथ एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, डीएमएमसी , पुलिस के साथ राजस्व विभा की टीमों को लगाया गया है। राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए मंडलायुक्तों को आपदा प्रभावित इलाकों में कैंप करने को निर्देशित करने के साथ ही हेलीकॉप्टर की मदद ली जा रही है लेकिन मौसम की खराबी के चलते हेलीकॉप्टरों के उड़ान में दिक्कतें आ रही है।
मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख देने की घोषणा
राहत व बचाव को जाते आईटीबीपी के जवान
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मुख्यमंत्री हरीश रावत, मुख्य सचिव शत्रुघभन सिंह ने आला अफसरों के साथ बैठक कर राहत कार्यो की जानकारी ली। मुख्यमंत्री रावत ने आपदा पीड़िमतों को तत्काल हर संभव मदद मुहैया कराने का सख्त निर्देश अफसरों को दिया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की और भूस्खलन में मारे गए लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
राज्य आपदा प्रबंधन केंद्र के मुताबिक पिथौरागढ़ के डीडीहाट एवं थल तहसील में भारी बारिश होने से तबाही की सूचनाएं मिली है।
गंभीर रूप से घायल तीन घायलों को हेलीकॉप्टर से पिथौरागढ़ लाया गया है। तीन घायलों को आईटीबीपी द्वारा मिर्थी स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आपदा के चलते पिथौरागढ़ में 14 भवन जमींदोज हो गए हैं।
इसके अलावा भारी बारिश और भूस्खलन से चमोली जिले के घाट एवं तहसील चमोली के ग्राम सिरजी, जाखण़ी, वादुक, गौली में भारी तबाही हुई हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक भारी बारिश और भूस्खलन से सिरजी (सैंजी) में दो लोगों और वादुक गांव में एक व्यक्ति के मरने की सूचना है। जबकि छह लोग लापता बताए जा रहे हैं। इलाके में 25 पशुओं के मरने के साथ ही दो मकानों और पांच गौशालाओं के जमींदोज की सूचनाएं मिली हैं।
भूस्खलन प्रभावित इलाकों में जाने पर रोक
बारिश ने जमकर तबाही मचाई है।
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पिथौरागढ़ में जौलजीबी और बरम के बीच खनपेरा के पास नाले में उफान से दो पुल और ग्रेफ का डिपो बह जाने की जानकारी मिली है। भारी बारिश के चलते राज्य के विभिन्न इलाकों में राजमार्ग और संपर्क मार्ग बह गए है जिससे यातायात बाधित हो गया है। मागों को दुरुस्त करने के लिए बीआरओ, पीडब्ल्यूडी, ग्रेफ की टीमों को लगाया गया है।
दूसरी ओर मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले तीन दिन तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। आपदा प्रबंधन अपर सचिव सी रविशंकर ने सभी डीएम को आदेश जारी किया है कि भारी बारिश की संभावनाओं के चलते नदियों के कछार में स्थित मकानों से लोगों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने के साथ ही भूस्खलन से प्रभावित इलाकों में आवाजाही पर रोक लगा दी जाए।
अपर सचिव ने डीएम को निर्देशित किया है कि जरूरत के मुताबिक स्कूल,कालेजों को बंद कर दिया जाय ताकि बच्चों के साथ किसी प्रकार का हादसा न हो।
Published By: Vivek SIngh