उत्तराखंड में जमीनों की रजिस्ट्री के लिए सर्किल रेट में बदलाव को सरकार ने हरी झंडी दे दी है। शुक्रवार को शासनादेश भी जारी कर दिया गया है।
उधर, शासनादेश के बाद राजधानी देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, टिहरी, चमोली, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारियों ने अपने जिलों में शनिवार से नया रेट लागू करने की तैयारी कर ली है। बताया गया है कि 10 से 40 फीसदी तक बढ़ोतरी प्रस्तावित है।
अक्टूबर में होना था रिवीजन
सर्किल रेट रिवीजन का काम यूं तो अक्तूबर में होना था पर इसको लेकर मची हाय-तौबा को देखते हुए सरकार को कदम खींचने पड़े। सबसे अधिक विरोध ऊधमसिंहनगर से होने की आशंका थी।
कारण यह भी था कि तय फार्मूले के अनुसार कुछ स्थानों पर सर्किल रेट 50 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हो रही थी। ऐसे में सरकार को इस बात का भी डर था कि जमीनों के रेट में बहुत अधिक इजाफा न हो जाए।
नई गाइडलाइन जारी
ऐसे में सर्किल रेट रिवीजन को तर्क संगत बनाने के लिए पहले सभी जिलों से आख्या मांगी गई। दूसरी ओर मुसीबत यह थी कि पर्वतीय जिलों में कई स्थानों पर सर्किल रेट बहुत कम हैं, जबकि बाजार रेट बहुत ज्यादा है।
सर्किल रेट रिवाइज न होने से इन स्थानों पर सरकार को नुकसान की आशंका भी थी। शासन की ओर से जारी गाइड लाइन में साफ कर दिया गया है कि सर्किल रेट निर्धारण में स्थानीय परिस्थितियों का भी ध्यान रखा जाए।