मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधू
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राज्य सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों, निगमों और स्वायत्तशासी संस्थाओं के बीच प्रतियोगी भावना पैदा करने के लिए प्रदेश सरकार अब इनकी ग्रेडिंग करेगी। इन्हें तीन श्रेणियों में बांटा जाएगा। मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधू ने सार्वजनिक उद्यम विभाग को इस संबंध में कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
वहीं, बी और सी श्रेणी के सार्वजनिक उपक्रम एवं निगम आदि अच्छा प्रदर्शन कर निर्धारित मानदंडों को पूरा कर श्रेणी ए में आ सकेंगे। इससे निगमों में प्रतियोगी भावना भी जागृत होगी और प्रदर्शन में सुधार आएगा। मुख्य सचिव ने सार्वजनिक उद्यम ब्यूरो को मजबूत बनाते हुए 15 दिन में मीटिंग कराए जाने के निर्देश दिए।
उन्होंने सार्वजनिक उपक्रमों, निगमों, स्वायत्तशासी संस्थाओं के कार्य-कलापों का प्रभावी ढंग से अनुश्रवण एवं लक्ष्य आदि निर्धारित करने संबंधी विषयों के समाधान के लिए केंद्र सरकार द्वारा की गई व्यवस्था को राज्य में भी लागू करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, अरविंद सिंह ह्यांकी, विनय शंकर पांडेय सहित विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों, निगमों, स्वायत्तशासी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।