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Ankita Murder Case: एसडीएम और विधायक के कहने पर चली वनंत्रा रिजॉर्ट में जेसीबी, अब पांच जनवरी को अगली सुनवाई

Sat, 23 Dec 2023 05:45 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार

सार

Ankita Murder Case: एडीजे कोर्ट में ट्रायल के दौरान शुक्रवार को अभियोजन पक्ष की ओर से तीन गवाह श्यामपुर निवासी जेसीबी चालक दीपक और घटना के दिन लक्ष्मणझूला थाने में तैनात पुलिसकर्मी राजवीर सिंह व रवींद्र सिंह के अदालत में बयान दर्ज कराए गए।
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अंकिता हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोटद्वार रीना नेगी की अदालत में अंकिता हत्याकांड के सत्र परीक्षण के दौरान शुक्रवार को दो पुलिसकर्मियों और एक जेसीबी चालक के बयान दर्ज हुए। जेसीबी चालक ने बताया कि उसने यमकेश्वर के तत्कालीन एसडीएम और विधायक के कहने पर वनंत्रा रिजॉर्ट में जेसीबी चलाई थी।

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कोटद्वार के एडीजे कोर्ट में ट्रायल के दौरान शुक्रवार को अभियोजन पक्ष की ओर से तीन गवाह श्यामपुर निवासी जेसीबी चालक दीपक और घटना के दिन लक्ष्मणझूला थाने में तैनात पुलिसकर्मी राजवीर सिंह व रवींद्र सिंह के अदालत में बयान दर्ज कराए गए।

रिजॉर्ट का गेट और बाउंड्रीवाल तोड़ी
बचाव पक्ष के अधिवक्ता अनुज पुंडीर व अमित सजवाण ने बताया कि जेबीसी चालक दीपक ने बताया कि उस दौरान ऋषिकेश के श्यामपुर में सतेंद्र सिंह रावत की जेसीबी चलाता था। जेसीबी मालिक के निर्देश पर वह 23 सिंतबर, 2022 को जेसीबी लेकर वनंत्रा रिजॉर्ट गया। जहां तत्कालीन एसडीएम के निर्देश पर उसने रिजॉर्ट का गेट और बाउंड्रीवाल तोड़ी।
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इसके बाद वह हरिद्वार की ओर निकल गया। हरिद्वार में वह शिवमूर्ति के पास पहुंचा था कि तभी यमकेश्वर की विधायक के पीए का फोन आया। उन्होंने फिर से जेसीबी के साथ वनंत्रा रिजॉर्ट पहुंचने को कहा। वह जेसीबी लेकर फिर रिजॉर्ट पहुंचा तो वहां पर विधायक मौजूद थीं। विधायक के निर्देश पर ही उसने दो कमरों की दीवार व खिड़कियां तोड़ी थी। विधायक ने उस रात उन्हें बगल के रिजॉर्ट में ठहराया था।

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पुलिसकर्मी रवींद्र सिंह ने हत्याकांड के मुकदमे से संबंधित माल व दस्तावेज न्यायालय में लाने व अदालत के आदेश पर विधि विज्ञान प्रयोगशाला देहरादून में दाखिल करने की बात कही। राजवीर ने बताया कि 10 अक्तूबर, 2022 को वह मालखाने से संबंधित डीवीआर को कोर्ट के आदेश से सीएफएसएल चंडीगढ़ परीक्षण के लिए ले गया था।

अंकिता के परिजनों के अधिवक्ता अजय पंत व नरेंद्र सिंह गुसाईं ने बताया कि इस मुकदमे में अब तक 33 लोगों की गवाही कराई जा चुकी है। एसआईटी की ओर से इस मामले में 97 गवाह बनाए गए हैं। अब अगली सुनवाई पांच जनवरी को होगी।

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