पीडीएफ के मसले पर राज्य सरकार और प्रदेश संगठन की रार का मामला मंगलवार को दिल्ली में राहुल गांधी के दरबार में उठेगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय को टिहरी महोत्सव का न्यौता न मिलने के कारण एक बार फिर संगठन के पदाधिकारी आक्रामक हो गए हैं। इसके साथ ही सरकार का समर्थक खेमा भी संगठन के इस रवैये से आहत है।
दरार को पाटने की होगी कोशिश
पार्टी सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी की बैठक में सरकार और संगठन के बीच दरार को पाटने की कोशिश की जाएगी। सरकार का समर्थक खेमा अभी से कहने में जुट गया है कि शासन के कामकाज से प्रदेश में बेहतर छवि बन रही है। इसका लाभ आने वाले विधानसभा चुनाव में मिलेगा, लेकिन संगठन के जिम्मेदार इसमें पलीता लगाने में लगे हुए हैं। यह बात विभिन्न माध्यमों से हाई कमान तक पहुंचाई जा रही है।
बयानबाजी से बिगड़ रही स्थिति
पीडीएफ और संगठन के बीच चल रही बयानबाजी से स्थिति और बिगड़ रही है। टिहरी विधानसभा क्षेत्र से टिकट के मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय और पर्यटन मंत्री दिनेश धनै आमने-सामने हैं।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि सरकार और संगठन के बीच रार का सारा फीड बैक हाई कमान को मिल चुका है।
मंगलवार को होने वाली बैठक में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री हरीश रावत भी मौजूद रहेंगे।
मुख्यमंत्री रविवार शाम दिल्ली चले गए। प्रदेश अध्यक्ष सोमवार को बैठक में शिरकत करने के लिए पहुंचेंगे। सूत्रों का कहना है कि मामला अब राहुल गांधी के सामने तय होगा।