पूर्वा सांस्कृतिक मंच की ओर से बुधवार की संध्या अर्घ्य के लिए अपनी तैयारी को चाक चौबंद कर दिया गया है। मंच ने महिलाओं की प्रशिक्षित टीम ‘मंत्र वूमेन’ सूचनाओं व समन्वय के लिए ‘मंच इन्फर्मेशनल’ और विभिन्न घाटों की व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए युवाओं की टीम ‘मंच ऑपरेशनल’ बनाई है। इसके अलावा आपातकालीन चिकित्सा सेवा के लिए मंच ने अपने सभी 178 चिकित्सकों को शाम 4 से 7 बजे तक तैनात रहने के लिए कहा है।
मंच के मेडिकल टीम प्रभारी व कोषाध्यक्ष डॉ. एएन पांडेय को सभी घाटों पर मंच के दो दो चिकित्सकों की तैनाती के लिए कहा गया है। साथ ही सभी टीमों में समन्वय के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। कंट्रोल रूम में डॉ. जेपी यादव, डॉ. एक्यू अंसारी, डॉ. ज्योत्सना झा, डॉ. लालिमा बर्मा व संजय कुमार सिंह, अजीत कुमार झा, इंदल यादव को मौजूद रहेंगे। डॉ. सुभाष झा ने बताया कि पूजा व आरती में कहीं कोई त्रुटि न रहे इसके लिए डॉ. अनंतमणि त्रिवेदी को जिम्मा सौंपा गया है। मंच ने घाटों के अवलोकन के लिए सचल दस्ता भी बनाया है।
गाय के गोबर और गंगाजल से पवित्र किए छठ घाट
गाय के गोबर और गंगोत्री से लाए गंगाजल से शहर के सभी घाटों पवित्र किया गया। इस दौरान मां गंगा को छठ समापन तक घाटों पर विराजमान रहने के लिए आह्वान कर पूजा अर्चना की गई।
देहरादून में सेलाकुई, रायपुर, मालदेवता, नत्थनपुर, छह नंबर पुलिया, हरबंशवाला सहित 15 घाटों पर छठ पर्व मनाया जा रहा है।
वहीं हरिद्वार में गंगा के दक्ष प्रजापति घाट, चौधरी चरण सिंह घाट, मुनि घाट, रविदास घाट, शहीद भगत सिंह घाट, श्रीहंस पावन घाट, अग्रसैन घाट प्रेमनगर, गोविंद घाट, सतनाम साक्षी घाट, श्रीकृष्ण घाट, विश्वकर्मा घाट, श्रीरामघाट, महर्षि कश्यप घाट, स्वामी विवेकानंद घाट, लवकुश घाट, अमरापुर घाट पर आज शर्मा को अस्तांचलगामी को सूर्य को अर्घ्य देने के लिए व्रतियों की भीड़ जुटेगी। इसके लिए गंगाघाटों पर छठ पर्व समितियों के द्वारा रोशनी का इंतजाम भी किया जाएगा।