दून अस्पताल के कई डॉक्टरों की ओपीडी पर दवा की दुकान चलाने वाले केमिस्ट का कब्जा है। आलम यह है कि केमिस्ट ना केवल डॉक्टर के साथ बैठकर मरीजों के पर्चे देखता है बल्कि कई बार खुद ही दवा लिख देता है। डॉक्टरों के साथ वाली कुर्सी पर बैठकर वह मरीजों को अपनी दुकान से दवा खरीदने को कहता है।
मरीज भी उसे अस्पताल स्टाफ समझकर बात मान लेते हैं। कमीशनबाजी के इस खेल में अस्पताल के कई डॉक्टर शामिल हैं। अस्पताल प्रबंधन भी सब कुछ जानने के बावजूद अनजान बना हुआ है।
अस्पताल के कई डॉक्टरों को चाय-काफी और जूस पिलाने के बहाने केमिस्ट उनकी ओपीडी में पहुंच डॉक्टर के बगल वाली कुर्सी कब्जा लेता है और मरीजों को दवाएं तक बताने लगता है। इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन को भी जानकारी है। पहले केमिस्ट के ओपीडी कक्ष में घुसने पर रोक लगा दी गई थी, लेकिन अब स्थिति फिर पहले वाली हो गई है।
केमिस्ट के डॉक्टरों की ओपीडी में बैठकर मरीजों को डांटने-धमकाने से लेकर दवाएं लिखने तक के वीडियो और फोटो सोशल साइटों पर तैर रहे हैं। इन तस्वीरों और वीडियो में बगल वाली कुर्सी पर बैठे डॉक्टर भी साफ देखे जा सकते हैं।