जालसाजों ने एक कंपनी बनाकर महिलाओं को लाखों का चूना लगा दिया। आरोपियों ने उनसे एक हजार रुपये प्रतिमाह जमा कराए और जब आरडी पूरी हुई तो पैसा देने से इनकार कर दिया। पीड़ितों ने डीजीपी से गुहार लगाई, जिसके बाद रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
डीजीपी को शिकायत करने वालों मे रमणी देवी, सीता देवी, आशा देवी, लीला देवी, सोनू राम, सुमित्रा देवी, मीणा देवी, पार्वती राणा, रजिया देवी, रामजसो देवी आदि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि तपोवन नालापानी में जनशक्ति मल्टि परपज कॉ-ऑपरेटिव सोसाइटी का ऑफिस खोला गया था। यहां बैठे लोगों ने बताया था कि यदि वह एक हजार रुपये प्रतिमाह आरडी जमा करेंगे तो उन्हें अच्छा खासा रिटर्न मिलेगा। इस पर सैकड़ों महिलाओं ने वर्ष 2016 से रुपये जमा कराने शुरू कर दिए।
आरडी नवंबर 2021 में मैच्योर होनी थी। समय पूरा होने पर कंपनी से पैसे मांगे तो उन्होंने इनकार कर दिया। कुछ दिन बाद उन्होंने अपने ऑफिस को मियांवाला में शिफ्ट कर दिया। उन्होंने वहां पर जाकर अपनी मांग उठाई तो कंपनी वालों ने कहा कि मामला हाईकोर्ट में चल रहा है, जिसकी वजह से उनकी कंपनी का खाता फ्रीज कर दिया गया है। इस बीच पता चला कि कंपनी के लोगों ने अपने करीबियों को रुपये लौटा दिए हैं। इन दस महिलाओं का 6.80 लाख रुपये कंपनी के पास जमा है। इस मामले में डीजीपी ने तत्काल प्रभाव से जांच कराकर मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। रायपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।