सेना और सीमा सड़क संगठन के सात अफसरों के खिलाफ सीबीआई ने षड्यंत्र और धोखाधड़ी के मामले में चार्जशीट दाखिल की है।
गुरुवार को सीबीआई अदालत ने अपराध का संज्ञान लिया। प्रकरण जोशीमठ-बद्रीनाथ राजमार्ग से जुड़ा है। आरोप है कि राजमार्ग में पैराफिट और रिटर्निंग वाल के नाम पर अफसरों ने दो करोड़ 66 लाख की धोखाधड़ी की।
ठेका ऋषिकेश की कंस्ट्रक्शन कंपनी ने लिया
वर्ष 2010 में बद्रीनाथ-जोशीमठ राजमार्ग पर पैराफिट और रिटर्निंग वाल सहित विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए ठेका हुआ था। यह ठेका ऋषिकेश की कंस्ट्रक्शन कंपनी ने लिया था। आरोप है कि कंपनी ने सेना और सीमा सड़क संगठन के अफसरों के साथ मिलकर निर्माण कार्य में घोटाला किया।
निर्माण सामग्री आसपास के क्षेत्रों से मंगाई गई, लेकिन कागजों में प्रदेश के दूसरे स्थानों से मंगाना दर्शाया गया। पांच किलोमीटर के इस कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया।
सीबीआई इंस्पेक्टर अनिल चंदोला ने मामले में सेना के मेजर नरेश, मेजर रुकविंदर सिंह, कैप्टन सतीश तरागी, कैप्टन सलीम जैन, सीमा सड़क संगठन के प्रसन्नन, समीरुद्दीन व दिनकर देव के अलावा ऋषिकेश के कांट्रेक्टर योगेंद्र अग्रवाल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।
मलारी-नीति मार्ग में भी हुआ था घपला
इससे पूर्व मलारी-नीति राजमार्ग निर्माण में भी घपले का मामला सामने आया था। सात किलोमीटर इस मार्ग में सीमा सड़क संगठन के अफसरों सहित कई लोगों के खिलाफ सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की थी।