गंगोत्री और यमुनोत्री धामों में जून के पहले सप्ताह में यात्रा चरम पर रहेगी। अनुमान है कि इस दौरान प्रतिदिन 11 से 12 हजार यात्री पहुंचेंगे। इस दौरान व्यवस्थाएं बनाए रखना प्रशासन के लिए चुनौती भरा होगा। प्रशासन का कहना है कि सीमित संसाधनों में भी बेहतर व्यवस्थाएं बनाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
चारधाम यात्रा धीरे-धीरे गति पकड़ रही है। अभी तक यमुनोत्री व गंगोत्री में प्रतिदिन 6 से 7 हजार तक तीर्थयात्री पहुंच रहे हैं। इसके बावजूद यात्रा मार्गों पर भारी अव्यवस्थाएं हैं। गंगोत्री व यमुनोत्री हाईवे के साथ ही यमुनोत्री पैदल मार्ग पर भी तीर्थयात्रियों को जाम से जूझना पड़ रहा है। ऐसे में यात्रियों की संख्या बढ़ते ही हालात और विकट हो सकते हैं।
सबसे बड़ी समस्या धामों में पार्किंग, स्वास्थ्य संबंधी जांच, शौचालय व सफाई व्यवस्था होगी। इसके अलावा हाईवे पर जाम भी परेशानी का सबब बनेगा। जिला मुख्यालय में अक्सर पेट्रोल पंपों पर डीजल, पेट्रोल की किल्लत बनी रहती है। इस दौरान यह समस्या और गंभीर हो सकती है।
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धामों में सुविधाएं सीमित हैं। यात्रियों की संख्या अधिक होने पर थोड़ा दिक्कतें होंगी। यात्रा के सफल संचालन के लिए सभी का सहयोग जरूरी है। सीमित संसाधनों में बेहतर सुविधाएं देने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
-अभिषेक रूहेला, डीएम उत्तरकाशी।