सचिव हरिश्चंद्र सेमवाल की ओर से जारी एसओपी के मुतबिक, बाहरी राज्यों से आने वाले तीर्थयात्रियों को देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। उत्तराखंड के भीतर के लोगों को तीर्थयात्रा पर जाने के लिए स्मार्ट सिटी पोर्टल पर पंजीकरण की जरूरत नहीं है।
सभी तीर्थयात्रियों को कोविड वैक्सीन की दोनों डोज लगने के 15 दिन बाद ही प्रमाण पत्र दिखाने पर चारधाम यात्रा की अनुमति मिलेगी। अगर किसी यात्री ने एक डोज लगवाई है या कोई डोज नहीं लगवाई है तो उन्हें 72 घंटे के भीतर की आरटीपीसीआर, बीसीएनएएटी, ट्रूनैट या रैट कोविड निगेटिव रिपोर्ट दिखाने पर ही दर्शन की अनुमति मिलेगी। आपको बता दें कि अभी तक हाईकोर्ट के आदेश के तहत केदारनाथ धाम में प्रतिदिन 800, बद्रीनाथ में 1000, गंगोत्री में 600 और यमुनोत्री में 400 तीर्थयात्रियों को प्रवेश की अनुमति थी, लेकिन मंगलवार को हाईकोर्ट ने यह बंदिश हटा दी।
चारों धाम में कोविड वहन क्षमता के तहत दर्शन
एसओपी में यह भी साफ किया गया है कि भले ही यात्रियों की बंदिश हाईकोर्ट ने हटा दी हो, लेकिन धामों की कोविड वहन क्षमता के तहत ही दर्शन की अनुमति दी जाएगी। इसमें सामाजिक दूरी छह फीट के मानदंडों का पालन अनिवार्य होगा। एसओपी में यह भी कहा गया है कि अगर चारधाम यात्रा जांच के दौरान कोई तीर्थयात्री कोविड पॉजिटिव आता है तो उसे संबंधित परीक्षण केंद्र या अस्पताल में कोविड-19 जांच के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद लक्षणों की गंभीरता और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रोटोकॉल के तहत उस मरीज को आगे रेफर किया जाएगा।