खोया-पाया केंद्र की अनुपलब्धता बनी परेशानी का सबब
इस घटना ने ट्रांजिट कैंप में खोया-पाया केंद्र की अनुपलब्धता को भी उजागर किया है। मध्य प्रदेश के तीर्थयात्री के तीन घंटे तक लापता रहने के दौरान, यात्रा प्रशासन की ओर से उन्हें ढूंढने में कोई सक्रिय मदद नहीं मिली। न ही यात्री के गायब होने की घोषणा (अनाउंसमेंट) कराई गई। खोया-पाया केंद्र न होने के कारण, तीर्थयात्रियों को इस तरह की आपातकालीन स्थितियों में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
तीर्थयात्री की लाइन में लगने के दौरान बेहोश होने की जानकारी नहीं मिल पाई। जैसे ही वह तीर्थयात्री रिसेप्शन पर आया उसने कर्मचारियों को सूचना दी। उसके बाद उसका तुरंत पंजीकरण करवाया गया। वह परिवार सहित चारधाम की यात्रा पर रवाना हो गए।
- जसपाल चौहान, जिला साहसिक पर्यटन अधिकारी, टिहरी गढ़वाल