15-15 दिन के लिए रोस्टर के आधार पर डॉक्टरों की तैनाती
स्वास्थ्य सचिव ने आपात स्थिति में मरीजों और पीड़ित तीर्थयात्रियों को तत्काल राहत के लिए एयर एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देेश दिए। तीर्थयात्री को एयरलिफ्ट कर एम्स ऋषिकेश पहुंचाने को कहा गया है। सचिव ने जिलाधिकारी चमोली के अनुरोध पर एक फिजीशियन को तत्काल जिला अस्पताल गोपेश्वर में तैनात करने के निर्देश स्वास्थ्य महानिदेशक को दिए। दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को 15-15 दिन के लिए रोस्टर के आधार पर चारधाम यात्रा के लिए डॉक्टरों की तैनाती करने को कहा। स्वास्थ्य सचिव ने महानिदेशालय में तैनात निदेशक डॉ. विनीता शाह को उत्तरकाशी, डॉ. सरोज नैथानी को रुद्रप्रयाग और डॉ. भारती राणा को चमोली जिले का नोडल अधिकारी नामित कर यात्रा व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी के लिए निर्देशित किया है। बैठक में अपर सचिव स्वास्थ्य सोनिका, स्वास्थ्य महानिदेशक डा. शैलजा भट्ट और एसडीआरएफ के प्रतिनिधि शामिल रहे।
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इन बातों का रखें ध्यान
स्वास्थ्य जांच के बाद ही यात्रा पर जाएं, धूम्रपान और अन्य मादक पदार्थों के सेवन से परहेज करें
बीमार व्यक्ति अपने डॉक्टर के परामर्श का पर्चा, डॉक्टर का नंबर और लिखी गई दवाएं साथ रखें।
अति बुजुर्ग और पूर्व में कोविड से ग्रसित रहे लोगों को यात्रा फिलहाल रद्द करने की सलाह दी गई है।
तीर्थस्थल पर पहुंचने से पूर्व मार्ग में एक दिन का विश्राम करना उचित होगा।
हृदय, सांस, मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोग ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाते समय विशेष सावधानी बरतें।
सिर दर्द, चक्कर, घबराहट, दिल की धड़कन तेज होने, उल्टी, हाथ-पांव और होठों का नीला पड़ना, थकान महसूस होना, सांस फूलना, खांसी जैसे लक्षण होने पर तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पहुंचें। या 104 व एंबुलेंस के लिए 108 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें
यात्रा के दौरान पानी पीते रहें और भूखे पेट न रहें, ऊंचाई वाले स्थानों पर व्यायाम से बचें
लंबी पैदल यात्रा के दौरान बीच-बीच में विश्राम जरूर करें।