चारधाम यात्रा की नई एसओपी जारी होने के बाद देवस्थानम बोर्ड ने भी चारों धाम के लिए एक एसओपी जारी की है। बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने कहा कि इस एसओपी का सभी धामों में उप जिलाधिकारी के माध्यम से अनुपालन सुनिश्चित करना होगा।
यह है एसओपी के मुख्य बिंदु
- बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर के गर्भ गृह में श्रद्धालुओं का प्रवेश पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा।
- केदारनाथ धाम के गर्भ गृह में श्रद्धालुओं को मात्र दर्शन या प्रदक्षिणा की अनुमति होगी। शिवलिंग में जलाभिषेक एवं घी लेपन आदि पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा।
- सभामंडप में किसी को भी बैठने की अनुमति नहीं होगी। अगर कोई यात्री या श्रद्धालु विशेष पूजा कराना चाहते हैं तो आचार्यगणों, वेदपाठी, पुजारी उनकी पूजा कराएंगे। लेकिन ऐसे श्रद्धालु भी मात्र दर्शन (धर्म दर्शन) निर्धारित समय तक ही कर सकेंगे।
- तीर्थयात्रियों को बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के दर्शन के लिए निशुल्क टोकन लेना होगा, जो देवस्थानम बोर्ड की ओर से उपलब्ध कराया जाएगा। वीआईपी या तत्काल दर्शन के लिए अलग से आदेश जारी किए जाएंगे।
- निशुल्क दर्शन टोकन लेने के लिए सभी काउंटरों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। दर्शन से पहले यह टोकन लेना अनिवार्य है।
- श्रद्धालुओं को दर्शन टोकन में अंकित समय पर दर्शन लाइन में दर्शन के लिए मंदिर परिसर में निर्धारित लाइन में खड़ा होना होगा।
- प्रवेश द्वार पर हाथों को कीटाणु रहित करने हेतु एल्कोहल युक्त सैनिटाइजर का प्रयोग होगा। थर्मल स्क्रीनिंग से जांच भी की जाएगी।
- जांच के दौरान कोविड के लक्षण होने पर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
- कोविड प्रोटोकॉल बिहैवियर का पालन करना होगा।
- सभी श्रद्धालुओं को धर्म दर्शन के लिए अत्यंत सीमित समय दिया जाएगा।
- मूर्तियों, घंटियों, प्रतिरूपों, ग्रन्थों, पुस्तकों को स्पर्श करने की अनुमति नहीं होगी।
- देवस्थानम परिसर में किसी भी प्रकार का प्रसाद वितरण टीका लगाने आदि की अनुमति नहीं होगी।