मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में आने वाले तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों से किसी तरह की अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी भी यात्री को परेशानी होती है तो प्रदेश का मुख्य सेवक होने के नाते मुझे परेशानी होगी।
सोमवार को मुख्यमंत्री धामी ने सीएम आवास स्थित कैंप कार्यालय में चारधाम यात्रा की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि प्रदेश में आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। श्रद्धालुओं और पर्यटकों को हरसंभव सुविधा दी जाए। श्रद्धालु व पर्यटक देवभूमि से अच्छा संदेश लेकर जाएं, यह सबकी जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़े रुद्रप्रयाग, चमोली व उत्तरकाशी के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को चारधाम यात्रा के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कोविड गाइडलाइन के अनुसार श्रद्धालु दर्शन कर सकें।
पर्यटक स्थलों पर जाने वाले यात्रियों को भी कोई परेशानी न हो। मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि चारधाम यात्रा के लिए देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के पोर्टल पर पंजीकरण करने के बाद जिन लोगों को अनुमति मिली है, वही लोग उत्तराखंड के चारधाम के दर्शन करने के लिए आएं।
बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधू, डीजीपी अशोक कुमार, मुख्यमंत्री के अपर प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव दिलीप जावलकर, देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के सीईओ व गढ़वाल कमिश्नर रविनाथ रमन, डीआईजी गढ़वाल नीरू गर्ग, अपर सचिव युगल किशोर पंत उपस्थित थे।