यदि ई-पास धारक यात्री दर्शन के लिए नहीं पहुंचता है तो उसका पास निरस्त कर ऑनलाइन सिस्टम से ही दूसरे पंजीकृत यात्रियों को मौके पर पास दिए जाएंगे। 15 अक्तूबर तक चारधामों में ई-पास पंजीकरण फुल हो चुकी है। इसके आगे की यात्रा के लिए पांच अक्तूबर से पंजीकरण को खोला जाएगा। पंजीकरण की प्रक्रिया का सरलीकरण करने के लिए एनआईसी के तकनीकी विशेषज्ञ काम कर रहे हैं।
33 हजार से अधिक तीर्थ यात्रियों ने किए दर्शन
केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री धाम में 30 सितंबर तक 33 हजार से अधिक तीर्थ यात्री दर्शन कर चुके हैं। उत्तराखंड देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड की ओर से 15 अक्तूबर तक चारधाम यात्रा के लिए 69619 ई-पास जारी किए गए हैं।
चारधाम में यात्रियों की संख्या बढ़ाने के मामले में शीघ्र सुनवाई की गुहार
नैनीताल हाईकोर्ट ने चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाए जाने को लेकर दायर प्रार्थना पत्र पर सुनवाई की। मुख्य स्थायी अधिवक्ता सीएससी चंद्रशेखर रावत ने न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ से शीघ्र सुनवाई की मांग की। इस पर कोर्ट ने कहा कि इस मामले को मुख्य न्यायाधीश की रेगुलर बेंच में सोमवार को पेश करें क्योंकि रेगुलर बेंच ही इस मामले की सुनवाई कर रही है। पूर्व में श्रद्धालुओं की संख्या को लेकर निर्णय भी उसी कोर्ट ने दिया था।
सरकार ने हाइकोर्ट में शपथपत्र पेश कर कहा है कि चारधाम यात्रा को लेकर पूर्व में दिए गए निर्णय में संशोधन कर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाई जाए। प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि कोर्ट के पूर्व में दिए गए दिशा निर्देशों का सरकार पालन कर रही है। चारधाम में सरकार ने सभी सुविधाएं उपलब्ध करा दीं हैं। श्रद्धालुओं की संख्या कम करने से स्थानीय लोगों की रोजी-रोटी पर भी असर पड़ रहा है।