उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शीघ्र शुरू कराने की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधानसभा के बाहर धरना दिया। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष व कांग्रेस मैनिफेस्टो कमेटी के संयोजक सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि उत्तराखंड की लाइफ लाइन माने जाने वाली चार धाम यात्रा बीजेपी सरकार की लापरवाही के कारण शुरू नहीं हो पाई है।
कोविड-19 की दूसरी लहर धीमी पड़ने के साथ ही राज्य सरकार का दायित्व था कि वो यात्रा को शुरू करने के लिए स्क्रीनिंग, टेस्टिंग, वैक्सिनेशन व यात्रा रूट पर अस्थायी आईसीयू युक्त अस्पताल व दवाओं की व्यवस्था करती। लेकिन सरकार को व्यापारियों की चिंता नहीं है।
सोमवार को एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस ने किया था बदरीनाथ कूच
सोमवार को चारधाम यात्रा के संचालन की मांग को लेकर बदरीनाथ कूच कर रहे एनएसयूआई, यूथ कांग्रेस और जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं को पांडुकेश्वर में पुलिस बल ने रोक लिया था। कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी देने के साथ ही सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था। इस दौरान कार्यकर्ताओं व पुलिस टीम के साथ धक्का-मुक्की भी हुई थी।
जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से एनएसयूआई और यूथ कार्यकर्ता दोपहर में एक बजे बदरीनाथ कूच के तहत पांडुकेश्वर में पहुंचे। यहां पहले से ही मौजूद पुलिस बल ने बैरिकेडिंग की हुई थी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़कर बदरीनाथ धाम जाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस बल ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर गिरफ्तारियां दी। हालांकि पुलिस ने कार्यकर्ताओं को बिना शर्त रिहा कर दिया।
जिला कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता विकास जुगरान और एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष संदीप नेगी ने कहा कि सरकार ने चारधाम यात्रा को रोक कर गरीब व्यापारियों की रोजी रोटी छीन ली है। हक-हकूकधारियों को जीवन यापन करना मुश्किल हो गया है। यात्रा पड़ावों में सन्नाटा पसरा हुआ है। कहा गया कि यात्रा को लेकर सरकार के तानाशाह रवैये से जनता में आक्रोश है।