चारधाम यात्रा पर आई महिला दल से बिछड़ी
- फोटो : अमर उजाला
चारधाम यात्रा पर इंदौर से उत्तराखंड आई एक बुजुर्ग महिला उस समय बदहवास हो गई जब वह अपने साथियों से बिछड़ गई। अकेली महिला को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि वह क्या करे। उसे लग रहा था कि अब वह कैसे अपने घर पहुंचेगी। कैसे अपने परिजनों से मिलेगी। तभी उत्तराखंड पुलिस ने इंदौर पुलिस की मदद से महिला की उसकी बेटी से बात करवाई।
जानकारी के अनुसार इंदौर निवासी कांताबाई पति स्व. कन्हैयालाल अपने ग्रुप के साथ चारधाम यात्रा पर उत्तराखंड आई थीं। केदारनाथ यात्रा से लौटते समय वह अपने ग्रुप से बिछड़ गई। अचानक सबसे बिछड़ जाने से महिला बदहवास हो गई। इसी बीच सोनप्रयाग कोतवाली पुलिस की नजर महिला पर पड़ी। महिला से पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि वह इंदौर की है और साथियों से बिछड़ गई है।
बेटी से करवाई बात तब आई जान में जान
उत्तराखंड पुलिस ने महिला को पहले तो बैठाया और उसे हौसला दिया। पुलिस ने महिला से पूरी जानकारी ली। महिला ने बताया कि वह छोटी ग्वालटोली में रहती है। आरक्षक ने इंदौर पुलिस से संपर्क किया और बताया कि एक बुजुर्ग महिला अपने दल से बिछड़ने के कारण बहुत ही परेशान और घबराई हुई है।
इनके पुत्रों के नाम कालूराम और रामप्रसाद है। बेटी का नाम गुड्डी है। थाना छोटी ग्वालटोली की थाना प्रभारी सविता चौधरी ने द्वारा तत्काल सब इंस्पेक्टर टीना शुक्ला एवं पलासिया थाने के आरक्षक श्रवण एवं दिनेश को भेजकर परिवार का पता लगाने भेजा। पुलिस ने परिजन के घर पहुंचकर बेटी को पूरी बात बताई और मां से फोन पर बात करवाई। बेटी से बात करने के बाद मां को सुकून मिला और जान में जान आई। बाद में पुलिस ने आश्वस्त किया कि घबराएं नहीं, वे उन्हें गंतव्य तक पहुंचा देंगे।