मैदान से लेकर पहाड़ तक मौसम का मिजाज क्या बदला, बीमारियों का भी हमला बेहद कम हो गया है। मौसम के मिजाज के चलते जहां गर्मी से जूझ रहे लोगों ने राहत की सांस ली, वहीं पिछले पंद्रह दिनों से पड़ रही बेतहाशा गर्मी के चलते डायरिया, टायफाइड, उल्टी, दस्त जैसी बीमारियों के मरीजों में भी भारी कमी आई है।
दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केसी पंत के मुताबिक, पिछले दो-तीन दिनों से हो रही बारिश और तापमान में कमी से मरीजों की संख्या में भी कमी आई है। बकौल डॉ. केसी पंत, बारिश से पहले जहां अस्पताल में प्रतिदिन औसतन चार हजार के करीब मरीज ओपीडी में जांच कराने आ रहे थे, जिसमें से आधे से अधिक मरीज डायरिया, उल्टी, दस्त, टाइफाइड से पीड़ित थे, वहीं फिलहाल अस्पताल में अब मरीजों की संख्या 25 सौ के आसपास है। डॉ. पंत के मुताबिक, तापमान बहुत अधिक बढ़ने व खानपान में सावधानी नहीं बरतने की वजह से डायरिया, उल्टी-दस्त जैसी बीमारियों का हमला होने की पूरी संभावना रहती है।
अब जबकि बारिश के चलते तापमान में भारी गिरावट है और मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल गया है, ऐसे में बीमारियों से भी थोड़ी राहत मिलेगी। डॉ. पंत का यह भी कहना है कि यदि आने वाले समय में तापमान में बढ़ोतरी होती है, तो इन बीमारियों के दोबारा बढ़ने की भी पूरी संभावना है। ऐसे में लोगों को थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है। लोगों को खानपान में एहतियात बरतने के साथ ही बाहर निकलते समय सावधानी बरतने की जरूरत है।