सीमांत गांव माणा और नीती के धार्मिक व पर्यटन स्थलों को विकसित करने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया गया है। आईएनआई डिजाइन कंपनी ने इसका प्लान तैयार किया है। बुधवार को जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने मास्टर प्लान के तहत प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा की और एसडीएम को जरूरी निर्देश दिए।
डीएम ने एसडीएम को नीती व माणा क्षेत्र में टूरिज्म के तहत प्रस्तावित कार्यों की जानकारी आर्मी, आईटीबीपी, हितधारकों व स्थानीय लोगों को देने के निर्देश दिए। ताकि बेहतर तालमेल के साथ कार्य पूरे किए जा सकें।
कहा कि आईएनआई के साथ मिलकर प्रस्तावित सरकारी व निजी भूमि का सर्वे कराया जाए और भूमि अधिग्रहण के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाए। बैठक में अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, लोनिवि के अधिशासी अभियंता राजवीर सिंह चौहान, जल संस्थान के ईई एसके श्रीवास्तव, जिला पर्यटन अधिकारी बृजेंद्र पांडेय मौजूद रहे, जबकि वीसी के माध्यम से ज्योतिर्मठ एसडीएम चंद्रशेखर वशिष्ट, पीआईयू के ईई विपुल सैनी, आईटीबीपी व आर्मी के अधिकारी मौजूद रहे।
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मास्टर प्लान के तहत प्रस्तावित कार्य
समीक्षा के दौरान आईएनआई डिजाइन कंपनी के कंसलटेंट धर्मेश गंगाड़ी ने बताया कि माणा में केशव प्रयाग, माता मूर्ति कैंपस का विकास, गणेश व व्यास गुफा को मूल स्वरूप दिया जाएगा। माणा में हाट बाजार, पांडव चौक व आईटीबीपी के कैंपस में परेड ग्राउंड, पार्किंग, सरहद गाथा के तहत म्यूजियम का निर्माण, बॉर्डर टूरिज्म के तहत घस्तोली में हेलिपैड, सेफ हाउस, पार्किंग सहित पर्यटन सुविधाएं स्थापित की जाएंगी। नीती घाटी में टिम्मरसैंण महादेव मंदिर तक एक किमी के ट्रैक में लकड़ी की रेलिंग, बेस कैंप, शिव उद्यान, पार्किंग, नीती में कम्यूनिटी हॉल, मलारी में विलेज चौक के निर्माण को डिजाइन में रखा गया है।