दल के सदस्य टॉर्च की रोशनी और आवाज लगाकर सहायता की गुहार कर रहे थे। क्षेत्र में गश्त कर रहे आईटीबीपी जवानों ने उनकी गतिविधियां देखीं और तत्काल इसकी सूचना थाने को दी। सूचना मिलते ही टीम रवाना हुई।
काफी मशक्कत के बाद सरस्वती नदी के पार ट्रैकर्स की हलचल दिखाई दी। टीम ने सीटी, टॉर्च और आवाज के माध्यम से उनसे संपर्क स्थापित किया तथा सुरक्षित मार्ग का चयन करते हुए करीब डेढ़ घंटे के कठिन प्रयास के बाद उनके पास पहुंची और वहां से निकाला।