पुलिस ने बच्चे को अपने संरक्षण में लेने के साथ ही महिला और उसके साथी समीर उर्फ सोनू उर्फ बड़ा निवासी गोल्डन कॉलोनी, लंढौरा, मंगलौर को भी गिरफ्तार किया। चार दिन से बच्चे की तलाश में भटक रहे परिजनों की आंखों में बच्चे को देखकर खुशी के आंसू छलक पड़े। पूछताछ में आरोपी समीर ने बताया कि उन्होंने करीब एक सप्ताह तक मां और बच्चे की रेकी के बाद बच्चा चुराया और इसके बाद वह सीधे लंढौरा पहुंचा। वहां विकलांग महिला उसका इंतजार कर रही थी।
हिंदू बनकर लोगों को दे रहा था धोखा
आरोपी समीर कितना शातिर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जगह के हिसाब से खुद को हिंदू युवक के रूप में प्रस्तुत करता था जबकि वह मूलत: मुस्लिम परिवार से ताल्लुक रखता है। एसपी देहात ने शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि यह बात तब सामने आई जब देखा कि समीर ने अपने हाथ पर ओम लिखवा रखा था। महिला ने बताया कि वह और समीर करीब दो साल से साथ में रह रहे हैं।
छोटे बच्चे के साथ ज्यादा मिलती है भीख
पूछताछ में महिला ने बताया कि वह बचपन से पोलियो ग्रस्त है और भीख मांगकर गुजर-बसर करती है। दरगाह में उसने देखा कि गोद में छोटे बच्चों को लेकर भीख मांगने वाली महिलाओं को ज्यादा पैसे मिलते हैं। इसके बाद उसने अपने साथी समीर के साथ मिलकर किसी छोटे बच्चे का अपहरण करने की योजना बनाई ताकि उसे सहारा बनाकर ज्यादा भीख मांगी जा सके।