बेरोजगारों के लिए रोजगार की मांग पर प्रदर्शन के दौरान आत्महत्या का प्रयास करने वाले तत्कालीन विधायक और उत्तराखंड के वर्तमान शिक्षामंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस हो गया है।
कई बार जारी किया गया समन
नैथानी और बेरोजगार महासंघ के अध्यक्ष कमल रतूड़ी ने वर्ष 2000 में शहीद स्थल पर आत्महत्या का प्रयास किया था। इस मामले में शिक्षामंत्री को कई बार समन जारी किया गया, लेकिन वे कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। इस पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उनके खिलाफ वारंट जारी किया था।
निचली अदालत के फैसले के खिलाफ मंत्री ने जिला सत्र न्यायालय में याचिका दाखिल की थी। याचिका में मंत्री का कहना था कि अपर न्यायालय ने आदेश पारित करते हुए पत्रावली में उपलब्ध तथ्य का ठीक से अवलोकन नहीं किया।
अदालत ने इस तथ्य को नजरअंदाज किया कि प्रशासन ने मुकदमा वापस लेने की संस्तुति की है। शासन की ओर से 19 अक्तूबर वर्ष 2013 को शासन ने जिला प्रशासन को मुकदमा वापस लेने के लिए लिखा था। पूर्व में जिला सत्र न्यायालय से मंत्री को राहत मिलने के बाद अब सीजेएम कोर्ट से मुकदमे वापसी का आदेश जारी हुआ है।