डायरेक्ट बेनिफिट ऑफ ट्रांसफर ऑन एलपीजी (डीबीटीएल) योजना यानी पहल से अब तक प्रदेश के 64 प्रतिशत उपभोक्ता ही जुड़े हैं।
योजना से नहीं जुड़ सके 36 प्रतिशत उपभोक्ता
इनमें भी 55 प्रतिशत के ही बैंक खाते अब तक गैस एजेंसी से लिंक किए जा सके हैं। दूसरी ओर, इंडियन ऑयल कारपोरेशन (आईओसी) के देशभर से 12 हजार उपभोक्ताओं ने सब्सिडी न लेने के लिए आवेदन पत्र भरा है। उत्तराखंड में एक जनवरी से डीबीटीएल योजना लागू हुई है, लेकिन अब भी 36 प्रतिशत उपभोक्ता योजना से नहीं जुड़ सके हैं।
हाल यह है कि कई एजेंसियों में अब भी फार्म जमा करने के लिए उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं। आईओसी के आंकड़ों के अनुसार डीबीटीएल योजना के फार्म भरने में चंपावत जिला सबसे आगे है, जबकि दूसरे नंबर पर उत्तरकाशी है। आईओसी के प्रबंधक वितरण एलपीजी धीरेंद्र कुमार कहा कहना है कि करीब 10 फीसदी उपभोक्ताओं के फार्म बैंक में अटके हुए हैं।
कंपनी का उद्देश्य फरवरी तक 80 फीसदी उपभोक्ताओं को जोड़ने का लक्ष्य है। बताया कि देश में करीब 12 हजार उपभोक्ताओं ने सब्सिडी नहीं लेने के फार्म भरे हैं, लेकिन इनमें उत्तराखंड के उपभोक्ताओं की संख्या अभी स्पष्ट नहीं है।
कहां कितने आवेदन
जिला- प्रतिशत
देहरादून- 69
हरिद्वार- 67
नैनीताल- 63
पिथौरागढ़- 68
अल्मोड़ा- 66
बागेश्वर- 64
चमोली- 50
चंपावत- 74
पौड़ी- 57
रुद्रप्रयाग- 58
टिहरी- 65
ऊधमसिंह नगर- 61
उत्तरकाशी- 72
आधार जरूरी नहीं, खाता भी चलेगा
डीबीटीएल योजना पर अब भी कई उपभोक्ताओं के मन में आधार कार्ड को लेकर शंका बनी हुई है। कई एजेंसियां भी आधार कार्ड मांग रही हैं। जबकि धीरेंद्र कुमार का कहना है आधार नंबर न हो तो बैंक खाता होने पर भी उपभोक्ता डीबीटीएल योजना से जुड़ सकते हैं।
नहीं होगी बुकिंग बंद, मिलेगी गैस
योजना से नहीं जुड़े उपभोक्ताओं की गैस एजेंसियां बुक नहीं कर रही हैं। कुछ एजेंसियों ने उपभोक्ताओं से कहा है कि जिन्होंने आवेदन नहीं किया है, उनकी फरवरी की बुकिंग नहीं होगी। धीरेंद्र कुमार का कहना है कि तेल कंपनी ने ऐसा कोई नियम लागू नहीं किया है। गैस आसानी से मिलेगी और बुकिंग भी होगी।