एक परिवार के संपत्ति विवाद में डीएम समेत चार लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया मुकदमा 24 घंटे के भीतर ही खारिज कर दिया गया।
जांच में कई बात सही नहीं पाई गई
पुलिस विवेचक ने इसके पीछे जांच में सामने आया तकनीकी आधार बताया है। कहा गया है कि यह मामला पहले से एसडीएम कोर्ट में विचाराधीन है, इसके अलावा जांच में कई बात सही नहीं पाई गई हैं।
जमनीवाला के धर्मेंद्र कुमार शर्मा ने पारिवारिक संपत्ति विवाद में कोर्ट के आदेश पर शुक्रवार को कोतवाली में पत्रावली में हेराफेरी और पत्रावली गायब करने का मुकदमा दर्ज कराया था।
अपने दो भाइयों के साथ कलेक्टर और अपर तहसीलदार को भी आरोपी बनाया था। मीडिया ने सवाल किए तो अफसरों को डीएम पर मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिली।
161 के बयान दर्ज
डीएम ने सीजेएम कोर्ट में इस पर आपत्ति भी दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने जांच में तेजी शुरू कर दी। शनिवार को वादी धर्मेंद्र कुमार शर्मा के 161 के बयान दर्ज किए गए।
सूत्रों के मुताबिक बयान की भाषा में आए बदलाव से प्रशासन को खासी राहत मिल रही थी। इसके बाद देर शाम मुकदमे को खारिज ही कर दिया गया।
एसपी सिटी ने नवनीत सिंह भुल्लर ने पुष्टि करते हुए बताया कि सोमवार तक रिपोर्ट कोर्ट को भेज दी जाएगी।