कक्षा कक्ष निर्माण के लिए मिली सरकारी धनराशि के गबन के मामले में शिक्षा विभाग ने ओखलकांडा ब्लॉक के एक ग्राम प्रधान और तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) के खिलाफ पटवारी चौकी में मुकदमा दर्ज कराया है।
मामले की जांच शुरू
राजस्व पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। देर शाम तक गिरफ्तारी नहीं हुई थी।
राजस्व पुलिस के अनुसार 2008-09 में सर्व शिक्षा अभियान के जिला परियोजना अधिकारी की ओर से राजकीय प्राथमिक विद्यालय देवनगर डालकन्या में कक्षा कक्ष निर्माण के लिए 2 लाख 95 हजार रुपए मंजूर हुए थे।
यह धनराशि ग्राम निधि के रूप में ग्रामसभा के खाते में जमा कराई गई। कुछ समय बाद डालकन्या के प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी की ओर से 2 लाख रुपए अवमुक्त कर निर्माण कार्य शुरू कराया गया।
कई बार नोटिस भेजा
मगर अधूरा छोड़ फिर काम बंद कर दिया गया। खंड शिक्षा अधिकारी ने कार्य पूरा करने के लिए ग्राम प्रधान को कई बार नोटिस भेजा पर कुछ नहीं हुआ।
विभाग ने अधूरे कार्य की अवर अभियंता से जांच कराई तो पता चला कि कार्य में अब तक 1 लाख 10 हजार रुपए खर्च हुए हैं। आहरित किए गए 90 हजार रुपए का कोई हिसाब नहीं मिला और न ही प्रधान कुछ बता पाए।
दो दिन पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी हवलदार प्रसाद ने जीआईसी पतलोट के प्रधानाचार्य रमेश चंद्र आर्य को मामले में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे।
सरकारी धनराशि के गबन की रिपोर्ट दर्ज
गौनियारों के पटवारी गंगा दत्त पलड़िया ने बताया कि प्रधानाचार्य की तहरीर के आधार पर प्रधान गिरधर पनेरू और तत्कालीन वीडीओ के खिलाफ सरकारी धनराशि के गबन की रिपोर्ट दर्ज की गई है। पता लगाया जा रहा है कि जब ये धनराशि आहरित हुई तब वीडीओ कौन था।