राजधानी देहरादून में एक ऐसी घटना हुई जब पूरे परिवार की हालत खराब हो गई। दरअसल राजधानी दून के दिल्ली पब्लिक स्कूल के बाहर सैंटल लॉक लगने के कारण इओन कार में दो साल का मासूम करीब 45 मिनट तक तड़पता रहा।
कई प्रयासों के बाद लॉक न खुलने के कारण पिता और परिवार की महिला के हाथ-पैर फूल गए। कोई समझ नहीं पा रहा था कि बच्चे को कैसे बाहर निकाला जा सके।
इसी बीच वहां आए सीपीयू के जवान ने आनन-फानन में लॉक खोलकर बालक को बचा लिया। डीजीपी ने जवान को पांच हजार रुपये का चेक प्रदान किया।
लॉक को तोड़ने का भरसक प्रयास किया
सहस्त्रधारा रोड पर डांडा निवासी कुणाल शर्मा बुटीक का कारोबार करते है। सोमवार को अपनी बेटी को राजपुर रोड स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल में छोड़ने के लिए गए थे।
हुंडई की इओन कार में बेटी के अलावा दो साल का बेटा माधव, भाभी और भतीजा था। गलती से कार में चॉबी लगी रही। बेटे माधव को कार में ही छोड़कर कुणाल ने डाईवर साइड की खिड़की बंद कर दी।
बेटी को छोड़कर वापस आए तो उन्हें अपनी गलती का पता लगा। टॉप मॉडल की गाडी का सैंट्रल लॉक बंद हो चुका था।
कुणाल ने लॉक को तोड़ने का भरसक प्रयास किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। अन्य लोगों को भी कामयाबी नहीं मिल सकी। समय बढ़ता रहा तो बच्चा तो अंदर तड़पने लगा।
5 हजार का पुरस्कार
बाहर कुणाल और उसकी भाभी भी बेहद तनाव में आ गई थी। कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि बच्चे को कैसे बाहर निकाला जाए। इसी बीच सिटी पेट्रोलिंग यूनिट का जवान मेहताब अली भी गश्त करते हुए वहां आ गया।
खुद ही कार के पास पहुंचकर परेशानी की वजह पूछी। मेहताब अली ने खिड़की के साइड की बिडिंग उखाड़कर लॉक खोल दिया।
माधव के सुरक्षित निकालने पर परिजनों के मायूस चेहरे खिल गए। कुणाल शर्मा ने डीजीपी को एसएमएस कर सीपीयू का आभार जताया।
डीजीपी बीएस सिद्दू ने जवान मेहताब को पुलिस मुख्यालय बुलाकर पीठ थपथपाई। यही नहीं पांच हजार रुपये का चेक के रुप में पुरस्कार भी दिया।