राष्ट्रीय सुशासन केंद्र मसूरी में मालदीव और बांग्लादेश के सिविल सेवकों के लिए दो सप्ताह के क्षमता निर्माण कार्यक्रम का उद्घाटन नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेस के महानिदेशक भरत लाल ने किया। कार्यक्रम में बांग्लादेश के 45 सिविल सेवक के 59वें बैच और मालदीप के पचास प्रतिभागियों के 22 और 23वें बैच के सिविल सेवक शामिल हैं।
नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस (एनसीजीजी) के महानिदेशक भरत लाल ने सिविल सेवकों की क्षमता का एहसास करने में मदद करने के लिए सिविल सेवकों की भूमिका पर प्रकाश डाला। ''वसुधैव कुटुम्बकम'' के दर्शन पर प्रकाश डालते हुए महानिदेशक ने जीवन को आसान बनाने के लिए साझेदारी बनाने और एक साथ काम करने पर बात की।
उन्होंने सिविल सेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक देशों में लोगों की शिकायतों को समयबद्ध तरीके से दूर किया जाना चाहिए। बताया कि कैसे कुछ ही मिनटों में छात्रवृत्ति और सब्सिडी को प्रभावी ढंग से स्थानांतरित किया जा रहा है। एक क्लिक पर 12 करोड़ से अधिक भारतीय किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी की भी बात की।
उन्होंने जल जीवन मिशन का भी उदाहरण दिया जहां केवल तीन वर्षों के भीतर 160 मिलियन परिवारों को स्वच्छ नल का पानी उपलब्ध कराया गया है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत 110 मिलियन घरों को उज्जवला के तहत रसोई गैस और 115 मिलियन से अधिक घरों में शौचालय, प्रभावी रूप से लोगों के जीवन की गुणवत्ता में बदलाव ला रहा है।
आपको बता दें कि विदेश मंत्रालय के साथ साझेदारी में नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस ने विकासशील देशों के सिविल सेवकों की क्षमता का निर्माण करने की जिम्मेदारी ली है। अब तक इसने 15 देशों के 3,500 से अधिक सिविल सेवकों को प्रशिक्षण प्रदान किया है। जिसमें बांग्लादेश, केन्या, तंजानिया, ट्यूनीशिया, सेशेल्स, गाम्बिया, मालदीव, श्रीलंका, अफगानिस्तान, लाओस, वियतनाम, भूटान, म्यांमार, नेपाल और कंबोडिया जैसे देश शामिल है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ.आशुतोष सिंह, डॉ. बी.एस. बिष्ट और डॉ. संजीव शर्मा आदि सहयोग करेंगे।