राजभवन में जब आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल एएस रावत(रिटा.) मेधावियों से रूबरू हुए तो उन्होंने प्रमुखता से आयोग की इस कार्यप्रणाली को लेकर सवाल पूछे। आयोग अध्यक्ष ने बताया कि जब उन्होंने कार्यभार ग्रहण किया तो देखा कि वर्ष 2016 या इसके बाद हुई कई भर्ती परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाएं सीलबंद पड़ी हुई थी।
उन्होंने तत्काल उनका मूल्यांकन शुरू करा दिया। उन्होंने होनहारों को आश्वासन दिया कि अब हर साल पीसीएस परीक्षा होगी। हर साल नतीजा आएगा। दूसरी सभी भर्ती से संबंधित परीक्षाएं भी हर साल आयोजित होंगी। उनका परिणाम भी एक साल के भीतर जारी किया जाएगा।
उत्तराखंड बनने के बाद उत्तराखंड लोक सेवा आयोग अस्तित्व में आया। पहली परीक्षा पीसीएस 2002 की हुई। इसका परिणाम वर्ष 2005 में आया। पीसीएस 2004 का परिणाम करीब वर्ष 2007 में आया। पीसीएस 2006 का रिजल्ट वर्ष 2010 में आया। पीसीएस 2010 का परिणाम वर्ष 2014 में आया। पीसीएस 2012 का परिणाम 2017 में आया। अब पीसीएस 2016 की प्रक्रिया चल रही है। अभी तक मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी नहीं हुआ है।