मंगलवार को विधानसभा सत्र के दौरान अचानक कैबिनेट मंत्री चंदनदास की तबीयत खराब हो गई और उन्हें आनन-फानन दून अस्पताल लाया गया, लेकिन अस्पताल में हृदयरोग विशेषज्ञ नहीं होने से अस्पताल प्रबंधन को कैबिनेट मंत्री को निजी अस्पताल रेफर करना पड़ा। मुख्यमंत्री समेत सरकार के कई मंत्रियों व विधायकों ने चिकित्सकों से मंत्री की कुशलक्षेम पूछी। इससे पहले विधानसभा सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान मंत्री विपक्ष के सवालों का जवाब देने में असहज नजर आ रहे थे। अस्पताल की ओर से बताया गया है कि उनकी स्थिति सामान्य है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में छात्र-छात्राओं को पढ़ाने के साथ ही मरीजों के इलाज के लिए प्रोफेसरों, एसोसिएट और असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति की जा सके इसके लिए नए सिरे से साक्षात्कार आयोजित किया जा रहा है। जल्द ही कई विशेषज्ञों की नियुक्ति कर दी जाएगी।