केदारनाथ पुनर्निर्माण और पुनर्वास के एजेंडे को लेकर प्रदेश सरकार ने विरोधी दलों के नेताओं को साथ लेकर चलने की कोशिश की है। साथ ही इस बहाने मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा को घेरा है।
दरअसल, केदारनाथ में कैबिनेट बैठक के मौके पर भाजपा सहित अन्य दलों को सर्वदलीय बैठक के लिए केदारनाथ आमंत्रित किया गया था।
इसमें नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, बसपा के सरबत करीब अंसारी, उक्रांद नेता बीडी रतूड़ी, उक्रांद (पी) अध्यक्ष त्रिवेंद्र पंवार, सपा प्रदेश अध्यक्ष एसएन सचान, सीपीआई नेता समर भंडारी और सीपीएम नेता सुरेंद्र सजवाण को न्योता भेजा गया।
इसमें से उपाध्याय, रतूड़ी, अंसारी, सचान, भंडारी और सजवाण को हेलीकाप्टर से केदारनाथ लाया गया। कैबिनेट बैठक के बाद सभी नेताओं के साथ सीएम ने संक्षिप्त वार्ता की।
समर भंडारी ने कहा कि किसी भी पहलू की अनदेखी कर निर्माण कार्य न हो। भौगोलिक परिस्थिति और जनता की मांग के अनुसार कार्य हो। कार्य में पारदर्शिता हो।