राजधानी देहरादून में सोमवार को कैबिनेट की बैठक है। कैबिनेट बैठक के लिए पहली बार रविवार को सचिवालय खोला गया।
पूरे दिन आबकारी विभाग के एफएल-2 को लेकर मशक्कत हुई। वहीं वित्तीय वर्ष 2015-16 के बजट के ड्राफ्ट को फाइनल टच दिया गया। इन दोनों को कैबिनेट में रखे जाने की संभावना है।
एफएल-2 और बजट ड्राफ्ट को देर शाम तक मंत्रियों के बीच नहीं बांटा जा सका। इसे सीधा कैबिनेट की बैठक में ही रखे जाने की तैयारी है। क्योंकि एफएल-2 पर तो पिछले साल विपक्ष ने विधानसभा नहीं चलने दी थी।
आबकारी नीति में बदलाव कर पूरे प्रदेश में दो कंपनियों को एकाधिकार देने की कसरत पहले ही पूरी हो चुकी है। पिछले साल इसका शासनादेश भी जारी हो गया था, लेकिन बाद में विपक्ष के दबाव में इसे वापस लिया गया और बाद में यह कहा गया कि शासनादेश जारी नहीं हुआ।
कैबिनेट में एफएल-2 के पास होने के बाद केवल दो कंपनियां ही शराब आपूर्ति करेगी। जबकि अभी 22 कंपनियां होने से प्रतिस्पर्धा के साथ विभिन्न ब्रांड उपलब्ध होते हैं।
इसके अलावा मुख्य सचिव एन रविशंकर व अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा दिन भर अफसरों के साथ बैठक कर बजट के ड्राफ्ट को फाइनल रूप देते रहे। इसे भी कल कैबिनेट में रखे जाने की संभावना है।
इन दो महत्वपूर्ण मुद्दों के अलावा खनन और लघु उद्योग से संबंधित नीति, कई विभागों की सेवा नियमावली आदि भी कैबिनेट में रखे जाने की संभावना है।