यह क्षेत्र होंगे शामिल
पुरोड़ी, रामताल गार्डन, बिरमोऊ कांडी, सजियाना, माख्टी पोखरी, चौरानी डांडा, बैराटखाई, शिखाई डांडा, चौरी डांडा, पांचोई डांडा, वायधार, गांगरौ डांडा, ग्यावा डांडा, चिटाड़ा डांडा, श्यामधार, झुल्का डांडा, नागथात, टिकरथात, बानीथात, ड्यूंडीलानी, देशगाड़, पिपाया, मटियाणा, जखोड़, सणिया आदि क्षेत्र टाउनशिप के अधिकार क्षेत्र में आएंगे। जबकि कालसी तहसील के 32 और चकराता के 8 गांव आंशिक रूप से टाउनशिप का हिस्सा बनेंगे।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
टाउनशिप बनने से क्षेत्र के पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। वर्तमान में चकराता छावनी क्षेत्र की पाबंदी के चलते सीमित संख्या में होटल और व्यापारिक प्रतिष्ठान हैं। पर्यटन को बढ़ावा मिलने से रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
जौनसार बावर को जनजातीय क्षेत्र का दर्जा मिलने के बाद यह जौनसार बावर को मिलने वाला दूसरा बड़ा तोहफा है। इसके लिए जनजातीय क्षेत्र हमेशा धामी सरकार का ऋणी रहेगा। टाउनशिप के बसने से जनजातीय क्षेत्र विकास के नए आयाम को छूएगा। - रामशरण नौटियाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष
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कैबिनेट का यह फैसला जौनसार के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। लगभग 40 गांव की जीविका को आधार मिलेगा। पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। - जगमोहन सिंह चौहान, अध्यक्ष कृषि मंडी समिति चकराता एवं अध्यक्ष लखवाड़ बांध विस्थापित एससी-एसटी जनकल्याण समिति