फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोभी खाने से 19 साल के लड़के के दिमाग में घुसा कीड़ा, इलाज के लिए दर-दर भटक रहा दिव्यांग बाप

Mon, 05 Nov 2018 07:24 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, जोशीमठ
विज्ञापन
सिरदर्द से पीड़ित लड़का - फोटो : demo
विज्ञापन

उत्तराखंड के दाणमी गांव का दिव्यांग मनोहर सिंह अपने बेटे अरविंद के इलाज के लिए दर-दर भटक रहा है। अरविंद नेक्रोसेटिक सेरकोसिस (गोभी का कीड़ा दिमाग में घुसना) बीमारी से पीड़ित है और दिन प्रतिदिन मानसिक रूप से कमजोर होता जा रहा है। उसके इलाज के लिए दो लाख की दरकार है, लेकिन घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण पिता उसका इलाज नहीं करा पा रहा है।

विज्ञापन


अरविंद के पिता मनोहर एक हादसे में वर्ष 2016 में दोनों पांवों से दिव्यांग हो गए थे। बेटा अरविंद (19) अभी पॉलीटेक्निक कुलसारी (चमोली) में सिविल ट्रेड की पढ़ाई कर रहा है लेकिन कुछ समय से वह मानसिक रूप से कमजोर होता जा रहा है।

मनोहर ने बताया कि सितंबर माह में उसके चाचा मुरली सिंह ने उसे राजकीय दून मेडिकल कॉलेज देहरादून में दिखवाया तो जांच में उसके दिमाग में गोभी का कीड़ा घुस जाने की बात सामने आई।

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

मनोहर मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था, लेकिन हादसे के बाद से अरविंद के चाचा मुरली ही उनके परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। भारतीय मानव अधिकार एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष जसवंत लाल ने स्वयं सेवी संगठनों से अरविंद के इलाज के लिए मदद की गुहार लगाई है।

गोभी खाने से उसका कीड़ा दिमाग में घुस जाता है और मरीज नेक्रोसेटिक सेरकोसिस बीमारी से पीड़ित हो जाता है। अरविंद भी इसी बीमारी से पीड़ित हैं। दवाइयां खाने से कीड़ा मर जाता है और इलाज लंबा चलता है। अरविंद के इलाज के लिए करीब दो लाख का खर्चा आएगा। इस बीमारी से बचाव के लिए लोगों को चाउमीन का सेवन कम कर पत्ता गोभी को अच्छे ढंग से धोने के बाद ही उसे पकाना चाहिए।

- डा. तृप्ति बहुगुणा, सीएमओ, चमोली।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें