बुद्घ पूर्णिमा स्नान पर स्नान करने वालों की भारी भीड़ उमड़ी। इससे दिल्ली हरिद्वार हाइवे पर वाहन रैंगकर चलते रहे।
पुलिस को करनी पड़ी भारी मशक्कत
हाइवे पर कई बार जाम की स्थिति बनी। धूप में लोग जाम के गर्मी से बिलबिला उठे। जाम खुलवाकर और यातायात सुचारू करने में पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी।
बुधवार को बुद्घ पूर्णिमा स्नान पर श्रद्घालुओं की भारी भीड़ रही। मंगलवार की देर शाम को ही श्रद्घालुओं का आवागमन शुरू हो गया था।
शाम से ही चौराहों पर जाम लगना शुरू हो गया। चंद्राचार्य तिराहा हो या सिंहद्वार चौराहा कही पर भी यातायात व्यवस्था संभालने को पुलिस कर्मी नहीं थे। लेकिन रात बारह बजे से बाद से भीड़ अधिक बढ़ गई।
हाइवे पर जाम की स्थिति ही बनी रही। सुबह तड़के पुलिस ने हाइवे पर मोर्चा संभाला और यातायात को सुचारू किया, लेकिन अधिक वाहन होने के कारण और दूसरी साइड में वाहन आने से जाम लगता रहा।
पूरे दिन वाहन सड़क पर रैंगकर चलते रहे। मिनटों का रास्ता घंटों में पार हुआ। जाम से निजात पाने को सुबह दस बजे के बाद हाइवे पर अतिरिक्त पुलिस लगानी पड़ी। इसके बाद कुछ स्थिति में सुधार हुआ।
बाजार में पूरे दिन लगा रहा जाम
रेलवे स्टेशन से लेकर नगर कोतवाली तक जाम लगा रहा। थ्री व्हीलर से लेकर कार सभी जाम में फंसे रहे। बाजार में जाम लगने का कारण दुकानों के सामने इतर-बितर वाहन खड़े होना रहा।
पुलिस को कई बार लाठी फटकारनी पड़ी, लेकिन जाम से पूरे दिन निजात नहीं मिली। पुलिस कर्मियों ने दुकानदारों को प्रतिष्ठानों के सामने वाहन न रुकने देने की हिदायत दी, लेकिन इसके बावजूद भी दुकानदारों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।
नतीजतन यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। लोग गलियों से गुजरते रहे, लेकिन संकरी गली होने के कारण उनमें भी जाम लगा रहा। यात्रियों को पैदल तक चलने के लिए रास्ता नहीं मिल सका।