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Uttarakhand:  बजट खर्च का फरमान, प्रभारी मंत्री कहां हैं श्रीमान!, इंतजार में अटकीं जिला योजना की बैठकें

Thu, 19 May 2022 03:38 PM IST
रेनू सकलानी राकेश खंडूड़ी, अमर उजाला, देहरादून

सार

10 मई को सचिव नियोजन डॉ. रंजीत सिन्हा की ओर से विस्तृत दिशा-निर्देशों में जारी बजटीय स्वीकृति के संबंध में विकास संबंधी प्राथमिकताएं भी सुझाई गई हैं। वित्त विभाग के जारी बजट के अनुसार, इस वित्तीय वर्ष में जिला योजना समितियों के माध्यम से 13 जिलों में 733 करोड़ 72 लाख रुपये खर्च होने हैं।
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बजट - फोटो : istock
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विस्तार
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प्रदेश के सभी 13 जिलों में योजना समितियों का गठन हो चुका है। विकास योजनाओं के प्रस्ताव भी लगभग तैयार हैं, लेकिन इन प्रस्तावों पर मुहर लगाने के लिए जिला योजना समिति की बैठकें नहीं हो पा रही हैं। इसकी वजह प्रभारी मंत्री बनाने में हो रही देरी मानी जा रही है। दरअसल जिला योजना समितियों की बैठकों की अध्यक्षता प्रभारी मंत्री करते हैं। उन्हीं की अध्यक्षता में कमेटियों में योजनाओं के वित्तीय प्रस्तावों पर मुहर लगती है। 

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सरकार की ओर से जिला योजना समितियों के लिए जारी बजट खर्च को लेकर दिशा-निर्देश तक जारी हो चुके हैं। 10 मई को सचिव नियोजन डॉ. रंजीत सिन्हा की ओर से विस्तृत दिशा-निर्देशों में जारी बजटीय स्वीकृति के संबंध में विकास संबंधी प्राथमिकताएं भी सुझाई गई हैं। वित्त विभाग के जारी बजट के अनुसार, इस वित्तीय वर्ष में जिला योजना समितियों के माध्यम से 13 जिलों में 733 करोड़ 72 लाख रुपये खर्च होने हैं।

जिला पंचायत सदस्य अमेंद्र बिष्ट कहते हैं, इस धनराशि के समयबद्ध खर्च के लिए यह आवश्यक है कि जिला योजना समिति की बैठक समय पर हो। उनके मुताबिक, जितनी जल्दी विकास से जुड़े प्रस्तावों पर मुहर लगेगी, उतनी ही शीघ्रता से उन पर कार्य आरंभ हो सकेगा। प्रत्येक वित्तीय वर्ष में मई महीने के पहले सप्ताह में जिला योजना समिति की बैठक हो जाती हैं।

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सरकार का स्वरोजगार पर फोकस

इस बार पूरा पखवाड़ा बीत जाने के बाद भी बैठकें नहीं हो पाई हैं, जबकि सभी जिलों में जिला योजना समितियों का गठन हो चुका है। सिर्फ प्रभारी मंत्रियों न बनाए जाने से बैठकें नहीं हो पा रही हैं। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, शासन स्तर पर प्रभारी मंत्री बनाए जाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अगले कुछेक दिन में इस पर निर्णय हो सकता है। नियोजन विभाग की ओर से प्रभारी मंत्रियों की फाइल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पास पहुंच चुकी है और उनका अनुमोदन प्राप्त होने के बाद प्रभारी मंत्रियों का आदेश जारी हो सकता है।

प्रभारी मंत्री बनाए जाने की फाइल मुख्यमंत्री को अनुमोदन के लिए भेजी जा चुकी है। उनके अनुमोदन के बाद आदेश जारी हो जाएगा। - आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव, नियोजन एवं वित्त

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सचिव नियोजन के जारी दिशा-निर्देशों में जिला नियोजन समितियों को स्वरोजगार पर खास फोकस करने को कहा गया है। साथ ही निर्देश हैं कि पहले से चली आ रही अधूरी योजनाओं को पूरा करने को भी प्राथमिकता दी जाए। अभिनव योजनाओं में वेलनैस सेंटर का विकास पर जोर दिया गया है। साथ ही अंतर्विकासखंडीय संकेतकों का प्रयोग करने व अंतर्विभागीय समन्वय करने को भी कहा गया है।
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